- एलडीएफ नेताओं ने अयप्पा मंदिर से सोना निकाल लिया
- भाजपा और एलडीएफ सरकार आपस में मिली हुई है
- पीएम एलडीएफ के हितों की रक्षा करना चाहते हैं, इसलिए सबरीमाला के बारे में नहीं बोलेंगे.
Adoor : मैं एलडीएफ को वाम मोर्चा के रूप में जानता हूं, लेकिन यह वाम मोर्चे की तरह व्यवहार नहीं करता. वह अपने कार्यों और नीतियों में भाजपा की तरह ही कॉरपोरेटवादी है. केरलम के पथानामथिट्टा जिले में स्थित अडूर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा में यह कहते हुए राहुल गांधी ने पी विजयन सरकार पर हल्ला बोला.
राहुल गांधी ने कहा कि अगर आप एलडीएफ कार्यकर्ताओं से भी यह सवाल पूछेंगे कि क्या आज की केरल सरकार वास्तव में वामपंथी सरकार है? क्या सचमुच केरल के गरीब लोगों के लिए सरकार है?
We are contesting this election against the LDF, which is fully supported by the BJP.
— Congress (@INCIndia) March 30, 2026
On one side is the UDF; on the other is an alliance of the LDF and the BJP.
Many years ago, a well-known economist spoke about the existence of a hidden force in the market while explaining… pic.twitter.com/FHMBvYUfh8
इसके जवाब में एलडीएफ कार्यकर्ता भी होगा कि ऐसा नहीं है.यह कॉर्पोरेट समर्थित और वित्त पोषित सरकार है. राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी कल केरलम आये थे. वह जहां भी जाते हैं, मंदिरों और धर्म के बारे में बात करते हैं.
वह अपने हर भाषण में इन्हीं मुद्दों पर बोलते हैं. लेकिन वह भूल गये हैं कि सबरीमाला में क्या हुआ था. वह यह भी भूल गये कि एलडीएफ नेताओं ने अयप्पा मंदिर से सोना निकाल लिया और उसकी जगह पीतल लगा दिया. राहुल गांधी ने पीएम पर हमलावर होते हुए कहा कि उन्होंने इस पवित्र मंदिर के खिलाफ हुए अपराध पर चुप्पी साध ली है.
श्री गांधी ने कहा कि यह साफ संकेत है कि भाजपा और एलडीएफ सरकार आपस में मिली हुई है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को मंदिर, धर्म या हिंदू धर्म की परवाह नहीं है. अगर उन्हें मंदिर से वोट मिलेगा तो ही वे मंदिर की बात करेंगे. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम एलडीएफ के हितों की रक्षा करना चाहते हैं, इसलिए वह सबरीमाला के बारे में नहीं बोलेंगे.
राहुल गांधी ने जनता को हम गारंटी दी कि मंदिर से चोरी करने वाले अपराधियों को सजा जरूर मिलेगी, कहा कि हम यह चुनाव एलडीएफ के खिलाफ लड़ रहे हैं. इस सरकार को भाजपा का पूरा समर्थन मिला हुआ है. कांग्रेस नेता ने कहा कि एक तरफ हमारा यूडीएफ है, दूसरी ओर एलडीएफ और भाजपा का गठबंधन है.
उन्होंने कहा कि भाजपा और यूडीएफ दोनों नहीं चाहते कि केरलम में हमारी सरकार बने, क्योंकि देश में उन्हें चुनौती देने वाली एकमात्र ताकत कांग्रेस पार्टी है. हर कोई जानता है कि एलडीएफ का नेतृत्व भ्रष्ट है. उन पर कई मामले चल रहे हैं, लेकिन एलडीएफ नेताओं से कोई पूछताछ नहीं की गयी है.
याद दिलाया कि केरलम के मुख्यमंत्री पर भाजपा कोई हमला नहीं कर रही है. राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा साफ समझती है कि एलडीएफ उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर कभी चुनौती नहीं दे सकता. वे यह भी जानते हैं कि अगर वे दिल्ली में सत्ता में हैं और एलडीएफ केरलम में काबिज है, तो वह पूरी तरह से भाजपा नियंत्रण में रहता है.
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