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लोकसभा में एस जयशंकर ने बूचा नरसंहार पर कहा, खून बहाकर, मासूमों को मारकर समाधान नहीं निकल सकता

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NewDelhi : खून बहाकर और मासूमों को मारकर किसी भी समस्या का हल नहीं निकाला जा सकता. रूस और यूक्रेन को बातचीत के जरिए इस समस्या को हल निकालना चाहिए और अगर भारत इसमें मध्यस्थता करता है तो हमें खुशी होगी. यूक्रेन के बूचा शहर में हुए कथित नरसंहार को लाकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लोकसभा में यह बात कही. लोकसभा में चर्चा के क्रम में विदेश मंत्री ने कहा कि भारत किसी भी संघर्ष के खिलाफ है. खून बहाकर और मासूमों को मारकर समस्या का हल नहीं निकल सकता. आज के समय में बातचीत और कूटनीति से किसी भी विवाद को सुलझाया जा सकता है.

एस जयशंकर ने  स्वतंत्र जांच कराने की बात कही

एस जयशंकर ने बूचा शहर में हुए आम नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए स्वतंत्र जांच कराने की बात कही. कहा कि हम वही फैसला कर रहे हैं जो हमारे हित में है. ऐसी कठिन स्थिति में, हर देश ऐसी नीतियां अपनाता है जो उसके लोगों को सुरक्षा दे. विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अगर किसी का साइड लेगा, तो वो शांति का होगा. उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन को बातचीत करनी चाहिए. जयशंकर ने बताया कि भारत दौरे पर आये रूसी विदेशी मंत्री सर्गेई लावरोव को भी यही संदेश दिया गया था. अगर भारत इसमें कोई मदद कर सकता है तो हमें खुशी होगी. इसे भी पढ़ें : कांग्रेस">https://lagatar.in/in-the-congress-parliamentary-party-meeting-sonia-gandhi-said-modi-government-is-destroying-the-socio-communal-harmony-of-the-country/">कांग्रेस

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यूक्रेन के संघर्ष ने  पूरी दुनिया सहित भारत की अर्थव्यवस्था को  प्रभावित किया है

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन के संघर्ष ने न सिर्फ दुनिया बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित किया है. बाकी देशों की तरह ही, हमने भी वही किया जो हमारे हित में था. उन्होंने कहा कि आज के समय में हर देश एक-दूसरे पर निर्भर है. इसलिए भले ही कोई देश अपने शब्दों से अपनी स्थिति बता रहा हो, लेकिन वो भी ऐसी नीतियां अपनाते हैं, जिसमें उनके अपने लोगों की भलाई हो. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में भारत को क्या करना चाहिए? जब ऊर्जा (तेल और गैस) की कीमतें बढ़ रही थीं, तो हम ये सुनिश्चित करना चाहते थे कि भारत के आम लोगों पर किसी भी तरह बेवजह बोझ न बढ़े.

मैंने कहा कि 90 प्लेन आये...  

विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी जिन विदेश मंत्रियों से बात होती है, वो तो कभी-कभी हैरान रह जाते हैं. उन्होंने सदन में कहा, अध्यक्ष महोदय, कुछ ही दिन पहले एक विदेश मंत्री आये. उन्होंने मुझे बहुत गर्व से कहा कि मैं दो प्लेन यूक्रेन से लाया और मुझसे पूछा आपके कितने प्लेन आये. वो हैरान थे, जब मैंने कहा कि 90 प्लेन आये. इसे भी पढ़ें :   पीएम">https://lagatar.in/former-amnesty-india-chief-aakar-patel-who-called-pm-modi-careless-and-rash-was-stopped-from-going-to-america/">पीएम

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UNSC में भी भारत ने निंदा की थी

इससे पहले मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भी भारत ने बूचा नरसंहार की निंदा की थी. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस त्रिमूर्ति ने कहा था कि बूचा से आ रहीं खबरें परेशान करने वाली हैं और इसकी स्वतंत्र जांच की जरूरत है. उन्होंने कहा था कि जब मासूम लोगों की जान पर बात आती है तो सिर्फ और सिर्फ कूटनीति के रास्ते ही शांति स्थापित की जा सकती है. यूक्रेन की राजधानी कीव से सटे बूचा शहर में सैकड़ों लाशें मिली हैं. ये लाशें सड़कों पर पड़ी हुई हैं. यूक्रेन का दावा है कि रूस के सैनिकों ने इन लोगों की हत्या की है. बूचा के डिप्टी मेयर टारस शप्रावस्की ने दावा किया कि यहां 300 से ज्यादा शव मिले हैं, जिनमें से करीब 50 शव ऐसे हैं जिनके साथ बर्बरता की गयी है. हालांकि, रूस ने इसे यूक्रेन का प्रोपेगैंडा करार दिया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे नरसंहार कहा. [wpse_comments_template]

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