पूजा सिंघल प्रकरण में फ्रंटफुट पर आयी बीजेपी अब बैकफुट पर लौट गई है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनके परिवार और करीबियों को लेकर हर रोज खुलासा कर रहे रघुवर दास अचानक से बिल्कुल खामोश हो चुके हैं. पूजा सिंघल के ठिकानों पर रेड के बाद से रघुवर दास ने मीडिया में कोई बयान नहीं दिया. हेमंत सरकार के जिस खान और उद्योग विभाग के दस्तावेज के आधार पर रघुवर दास ने सीएम की कुर्सी हिला दी, हैरानी इस बात की है कि उन्हीं दोनों विभाग की सचिव पर हुई ईडी की कार्रवाई के बाद इसपर सियासी रोटी सेंकने के बजाए रघुवर पूरी तरह खामोश हो गये. बीजेपी के दूसरे नेताओं की तरह रघुवर दास पूजा सिंघल पर हुए कार्रवाई को सही करार देने मीडिया के सामने नहीं आये. सोशल मीडिया पर भी इस बारे में कुछ नहीं लिखा. शायद रघुवर को ईडी की कार्रवाई के बाद ही एहसास हो चुका था कि इस मामले में लेने के देने पड़ सकते हैं. इसे भी पढ़ें - EXCLUSIVE:">https://lagatar.in/exclusive-inquiry-report-pooja-singhals-husbands-land-case-pulse-hospital-missing/">EXCLUSIVE:
पूजा सिंघल के पति के PULSE अस्पताल के जमीन मामले की जांच रिपोर्ट गायब!
रघुवर के बचाव की रणनीति बनाये बिना ही बुला ली प्रेस कॉन्फ्रेंस
6 मई को पूजा सिंघल पर ईडी की कार्रवाई हुई. 7 मई को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई. उन्होंने पूजा सिंघल के भ्रष्टाचार के लिए हेमंत सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया, लेकिन पूर्व सीएम रघुवर दास का बचाव नहीं कर पाये. मीडिया और राजनीतिक दलों में 7 मई को सुबह से ही चर्चा शुरू थी कि पूजा सिंघल को रघुवर दास की सरकार ने चतरा और खूंटी के मनरेगा घोटाला मामले में क्लीन चिट दिया था. बीजेपी ने पूजा प्रकरण पर सरकार को घेरने की रणनीति तो बना ली. लेकिन रघुवर दास से जुड़े मामले के उठने पर उसे कैसे हैंडल किया जाए, इस बारे में कोई रणनीति नहीं बनी. जाहिर है दीपक प्रकाश के प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले इस मामले को लेकर पार्टी के अंदर कोई चर्चा नहीं हुई होगी. यही वजह है कि रघुवर दास सरकार में पूजा सिंघल को क्लीनचीट दिये जाने के सवाल पर दीपक प्रकाश ने ऐसा जवाब दे दिया, जिससे पार्टी के नेता असहज हो गये.पूजा सिंघल प्रकरण से यू टर्न से लेकर कानून व्यवस्था के मुद्दे पर आ गये दीपक प्रकाश
7 मई की शाम दीपक प्रकाश के प्रेस कॉन्फ्रेंस के जवाब में जेएमएम ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाया. जिसमें पार्टी के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य और विधायक सुदिव्य सोनू ने रघुवर सरकार के समय पूजा सिंघल को मनरेगा घोटाला मामले में दिये गये डॉक्यूमेंट को सामने लाया. जेएमएम ने उल्टा दांव खेलते हुए बाबूलाल मरांडी को भी इसमें लपेटते हुए उनपर मनरेगा घोटाले की जांच बेचने का आरोप लगाकर उनके खिलाफ भी मामला चलाने की मांग की. इस तरह जेएमएम के घर में लगी आग की लपटें जब बीजेपी की तरफ बढ़ने लगी तो दीपक प्रकाश के भी तेवर ढीले हो गये. इसके बाद दीपक प्रकाश ने यू टर्न लिया और पूजा सिंघल प्रकरण से हटकर प्रदेश की कानून व्यवस्था का मुद्दा लेकर सामने आ गये.दो दिन बाद बाबूलाल प्रकट हुए
इधर पूजा सिंघल मामले को लेकर सियासत गर्म थी, उधर बाबूलाल मरांडी अलग परेशान थे. दरअसल उनकी विधायकी पर तलवार लटकी हुई थी. उम्मीद जताई जा रही थी कि 9 मई को स्पीकर के न्यायाधिकरण में उनके दलबदल मामले पर फैसला आ सकता है. इसलिए वो भी चुप थे, हां बीच-बीच में पूजा प्रकरण को लेकर उनके ट्विट जरूर आ रहे थे. सुप्रियो भट्टाचार्य ने भी सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल उठाया था कि यह चिंता का विषय है कि ईडी की कार्रवाई जब से चल रही है, रघुवर दास और बाबूलाल मरांडी कहीं गुम हो गये हैं. इधर सुप्रियो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उधर बाबूलाल मरांडी भी शामत तक प्रदेश बीजेपी मुख्यालय में प्रकट हो गये. आने के बाद वो भी पूजा प्रकरण से हटकर बालू के मुद्दे पर आ गये हैं. इसे भी पढ़ें –महंगाई">https://lagatar.in/bjp-broke-its-back-by-increasing-inflation-now-it-is-deviating-loudspeakers-hanuman-chalisa-sudivya-kumar/">महंगाईबढ़ाकर BJP ने तोड़ी कमर, अब लाउडस्पीकर व हनुमान चालीसा से भटका रही : सुदिव्य कुमार [wpse_comments_template]

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