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राजस्थान में 250 दलित परिवारों ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाया, देवी-देवताओं की मूर्तियां नदी में विसर्जित की

 
Jaipur : राजस्थान के बारां जिले में 250 दलित परिवारों द्वारा हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिये जाने की खबर आयी है. इन दलित परिवारों के सदस्यों ने अपने घरों से देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों को बैथली नदी में विसर्जित कर दिया. जानकारी के अनुसार दलित परिवारों ने उनके साथ सवर्णों द्वारा मारपीट किये जाने के कारण बौद्ध धर्म अपना लिया. इसे भी पढ़ें : कांग्रेस">https://lagatar.in/new-congress-president-kharge-will-formally-take-charge-on-october-26-rahul-will-attend-the-program/">कांग्रेस

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मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गयी

खबरों के अनुसार दलितों ने राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश जताते हुए आरोप लगाया कि 15 दिन पहले मां दुर्गा की आरती करने पर सवर्णों ने दलित समुदाय के दो युवकों के साथ मारपीट की थी. समाज ने राष्ट्रपति से लेकर जिला प्रशासन तक न्याय की गुहार लगाई, लेकिन मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी. यह पूरा मामला छबड़ा क्षेत्र के भूलोन गांव का है. इसे भी पढ़ें :  चीन">https://lagatar.in/china-ex-president-hu-jintao-was-forcibly-evicted-from-cpcs-general-conference-xi-jinping-showed-strength/">चीन

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मां दुर्गा की आरती करने पर दलित युवकों को पीटा

जिला बैरवा महासभा युवा मोर्चा के अध्यक्ष बालमुकंद बैरवा ने कहा कि भूलोन गांव में 5 अक्टूबर को दलित समुदाय के युवकों राजेंद्र और रामहेत ऐरवाल ने मां दुर्गा की आरती का आयोजन किया था. इन युवकों के साथ राहुल शर्मा और लालचंद लोधा ने मारपीट की. इसे लेकर पुलिस प्रशासन, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन जब कहीं से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन का फैसला लिया. शुक्रवार को गांव में आक्रोश रैली निकाली गयी. इसके बाद देवी-देवताओं की प्रतिमाओं-तस्वीरों का नदी में विसर्जन किया.

SDM ऑफिस पर प्रदर्शन की चेतावनी

बालमुकंद बैरवा ने चेतावनी दी कि अगर मुख्य आरोपी को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो छबड़ा SDM ऑफिस पर प्रदर्शन किया जायेगा. उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था ठप होने और दलितों पर अत्याचार के मामले बढ़ने के आरोप लगाये. इस दौरान रमेश मेराठा, बद्रीलाल बैरवा (छीपाबड़ौद), छीतरलाल बैरवा, पवन, रामहेत बैरवा, महेंद्र मीणा (तुर्कीपाड़ा) आदि मौजूद रहे. इस मामले में DSP पूजा नागर ने बताया कि पीड़ित ने थाने में FIR दर्ज कराई थी, लेकिन उसमें सरपंच प्रतिनिधि का नाम नहीं लिखा है. मामले की जांच की जा रही है. [wpse_comments_template]
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