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रिम्स में पेन एंड पैलिएटिव केयर यूनिट का उद्घाटन

  • कैंसर समेत विभिन्न गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को होगा फायदा
Ranchi : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में पेन एंड पैलेएटिव केयर यूनिट का उद्घाटन डीन डॉ अनिल कुमार ने किया. उद्घाटन समारोह के दौरान रिम्स के चिकित्सा उपाधीक्षक डॉ शैलेश त्रिपाठी, निश्चेतना विभागाध्यक्ष डॉ लाधू लकड़ा, पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ उषा सुवालका व अन्य वरीय व कनीय चिकित्सक और स्टॉफ उपस्थित थे. यह इकाई कैंसर विभाग के पहले तल्ले के रूम नंबर 2 में स्थित है.

पेन एंड पैलेएटिव केयर यूनिट मरीजों के लिए साबित होगा वरदान

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अनिल कुमार ने निश्चेतना विभाग की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में भारत में प्रमाणक देखभाल की अत्यधिक आवश्यकता है. ऐसे में रिम्स में इस इकाई की शुरुआत होना निश्चेतना विभाग द्वारा काफी महत्वपूर्ण उपलब्धि है. वहीं पेन एंड पैलेएटिव केयर यूनिट के विषय में डॉ लाधू लकड़ा ने कहा कि दर्द की रोकथाम में निश्चेतना विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. यह हमारे पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ उषा की दूरदर्शिता के कारण ही संभव हो पाया है. इस इकाई का रांची में शुरू होना रिम्स के लिए मील का पत्थर साबित होगा.

रिम्स में पैलेएटिव केयर के शुरू हो जाने से मरीजों को नहीं जाना होगा बाहर

झारखंड में पैलेएटिव केयर की वर्तमान स्थिति के बारे में डॉ वसीम होदा ने कहा की पैलिएटिव केयर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में 2012 में शामिल किये जाने के बावजूद झारखंड के किसी भी सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं है. उन्होंने बताया कि कैंसर के मरीज उचित पैलिएटिव केयर एवं मोरफीन टेबलेट के अभाव में मर जाते हैं. उन्हें केवल मोरफीन के लिए महानगरों में जाना पड़ता है. ऐसे में रिम्स में पैलिएटिव केयर इकाई के शुरू होने से राज्य के लोगों को लाभ पहुंचेगा.

इन बीमारी से ग्रसित मरीजों को होती है पैलिएटिव केयर की जरूरत

रिम्स के पैलिएटिव केयर टीम का नेतृत्व डॉ लाधू लकड़ा करेंगे. इस टीम में डॉ वसीम होदा और डॉ दीपाली सिंह के साथ दो नर्स अनिमा कच्छप और जलिस्टा एक्का भी होंगे. इसमें जानलेवा बीमारी से ग्रसित रोगियों और उनके परिवारों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया जाता है. इसमें प्रारंभिक पहचान, सही मूल्यांकन और दर्द या अन्य समस्याओं का उपचार के माध्यम से राहत पहुंचाया जाता है. इसके साथ-साथ मरीज और उसके परिजन को नर्सिंग देखभाल और मनो-सामाजिक और आध्यात्मिक सहायता भी प्रदान की जाती है. विभिन्न गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, आईएलडी, एचआईवी/एड्स, डेमेन्सिया, पार्किंसन, अल्जाइमर, हृदय और किडनी सम्बंधित बीमारी से जूझ रहे व्यक्तियों को पैलिएटिव केयर की जरूरत होती है. इसे भी पढ़ें – Exclusive">https://lagatar.in/exclusive-land-scam-ed-will-find-out-who-all-benefited-from-racket-which-government-employees-and-white-collars-are-involved/">Exclusive

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