Search

 
 
 

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा निर्माण उपकरण बाजार, 2030 तक 15 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान

Ranchi News : आइसीईएमए के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में घरेलू मांग में करीब सात प्रतिशत की गिरावट के चलते निर्माण उपकरणों की बिक्री लगभग दो प्रतिशत घटकर 1,36,995 इकाई रह गई. हालांकि, इस दौरान निर्यात में करीब 32 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.
 
प्रतीकात्मक चित्र

Ranchi News : भारत का निर्माण उपकरण उद्योग बुनियादी ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. भारतीय निर्माण उपकरण निर्माता संघ (आइसीईएमए) के अनुसार भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा निर्माण उपकरण बाजार है. 

 

वर्ष 2030 तक इस उद्योग का आकार करीब 15 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंचने का अनुमान है. वित्त वर्ष 2025 में उद्योग का आकार करीब 10 अरब डॉलर था.

 

आइसीईएमए के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में घरेलू मांग में करीब सात प्रतिशत की गिरावट के चलते निर्माण उपकरणों की बिक्री लगभग दो प्रतिशत घटकर 1,36,995 इकाई रह गई. हालांकि, इस दौरान निर्यात में करीब 32 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.

 

संघ के अनुसार वित्त वर्ष 2027 में सरकारी पूंजीगत खर्च से उद्योग को गति मिलने की उम्मीद है. सरकार के 12.2 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित सार्वजनिक पूंजीगत खर्च से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा प्रस्तावित कंस्ट्रक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट योजना से घरेलू विनिर्माण और लोकलाइजेशन को बढ़ावा मिलने की संभावना है.

 

आइसीईएमए के अध्यक्ष एवं जेसीबी इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक शेट्टी ने कहा कि उद्योग के सामने मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, लोकलाइजेशन मजबूत करने, निर्यात विस्तार और नई तकनीक अपनाने के अवसर हैं.

 

उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में एआइ, ड्रोन, सैटेलाइट मैपिंग और आधुनिक उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल से भी निर्माण उपकरण उद्योग के लिए नए अवसर उपलब्ध करा सकें.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही