New Delhi : भारतीय पुरुष हॉकी टीम के फॉरवर्ड खिलाड़ी गुरजंत सिंह ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से सन्यास की घोषणा कर दी. गुरजंत सिंह ने दिल्ली में आयोजित हॉकी इंडिया पुरस्कार समारोह में संन्यास की घोषणा की.
गुरजंत सिंह ने भारतीय टीम के लिए 130 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 33 गोल किए. गुरजंत के मन में बचपन से ही हॉकी के प्रति लगाव था. इस खेल में बेहतर बनने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की. गुरजंत ने 2016 में लखनऊ में फाइनल में गोल करते हुए भारत की जूनियर विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी। 2017 में गुरजंत ने सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था.
गुरजंत की सबसे बड़ी उपलब्धियां ओलंपिक मंच पर सामने आईं, जहां वे टोक्यो 2020 और पेरिस 2024, दोनों ही ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली टीमों का एक अहम हिस्सा थे. ओलंपिक के अलावा गुरजंत ने भारत को 2022 हांगझोऊ एशियाई खेलों में स्वर्ण, 2017 एशिया कप में स्वर्ण और कई एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जीतने में मदद की. 2021 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो भारत के सर्वोच्च खेल सम्मानों में से एक है.
गुरजंत ने कहा कि आज मैं गर्व और गहरी भावनाओं के साथ अपने संन्यास की घोषणा करता हूं. मैंने अपनी हॉकी यात्रा की शुरुआत इस कमरे में बैठे अपने सीनियर खिलाड़ियों को आदर्श मानकर की थी और उनके साथ भारत के लिए खेलने का अपना सपना पूरा करना मेरे लिए एक ऐसी अनमोल याद है जिसे मैं हमेशा संजोकर रखूंगा. भारतीय हॉकी के ऐतिहासिक पुनरुद्धार का हिस्सा बनकर और दो ओलंपिक पदक हासिल कर मुझे बेहद संतोष महसूस हो रहा है.
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