में मंडरा रहा महामंदी का खतरा, हालात 2008 से भी बदतर होने की आशंका)
30 शेयरों वाले सेंसेक्स के केवल एक शेयर हरे निशान पर बंद
आज के कारोबार में 30 शेयरों वाले सेंसेक्स के केवल एक शेयर हरे निशान पर बंद हुए. जबकि 29 शेयर लाल निशान पर समाप्त हुए. बीएसई सेंसेक्स में लिस्टेड नेस्ले के शेयरों में सबसे अधिक 0.38 फीसदी की बढ़त देखी गयी. वहीं टाटा स्टील के शेयरों में 6.04 फीसदी की गिरावट नजर आयी. आज के टॉप गेनर की लिस्ट में नेस्ले के शेयर शामिल रहे. जबकि टॉप लूजर की श्रेणी में टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, इंडसइंड बैंक, विप्रो और भारती एयरटेल के शेयर शामिल रहें. इसे भी पढ़े : ‘बड़े">https://lagatar.in/bade-achhe-lagte-hain-2-on-the-verge-of-closure-will-go-off-air-in-3-months/">‘बड़ेअच्छे लगते हैं 2’ बंद होने की कगार पर, 3 महीने में ऑफ एयर होगा शो
बीएसई सेंसेक्स ये शेयर गिरावट के साथ बंद
बीएसई सेंसेक्स में लिस्टेड बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, पावरग्रिड, टाइटन इंड और एक्सिस बैंक के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए. इसके अलावा एचडीएफसी, लार्सन एंड टुब्रो, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंफोसिस, रिलायंस, आईसीआईसीआई बैंक, डॉ रेड्डीज और सनफार्मा के शेयर लाल निशान पर बंद हुए. इसे भी पढ़े : शेल">https://lagatar.in/jharkhand-ranchi-hearing-on-shell-company-pil-on-friday-know-why-hc-said-if-the-matter-is-listed-tomorrow-then-it-should-not-be-discussed-today/">शेलकंपनी PIL पर शुक्रवार को सुनवाई, जानिए HC ने क्यों कहा, मामला कल सूचीबद्ध है तो आज बात नहीं होनी चाहिए
शेयर बाजार की हुई थी दमदार शुरुआत
बता दें कि घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत दमदार हुई थी. सेंसेक्स 477.52 अंकों की मजबूती के साथ 53018.91 के लेवल पर शुरू हुआ था. वहीं निफ्टी 140.10 अंक चढ़कर 15839.15 के स्तर पर खुला था. इससे लगातार नुकसान झेल रहे इन्वेस्टर्स को कुछ राहत मिलने की उम्मीद थी. लेकिन दोपहर 1 बजते-बजते शेयर बाजार ने अपनी सारी बढ़त गंवा दी और औंधे मुंह गिर गया. दोपहर तक सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा के नुकसान में जा चुका था. वहीं निफ्टी 225 अंक तक गिरकर 15,465 के लेवल पर आ चुका था. यह जुलाई 2021 के बाद का सबसे निचला स्तर है. इसे भी पढ़े : झारखंड">https://lagatar.in/relief-to-rahul-gandhi-from-jharkhand-high-court-upheld-next-hearing-on-june-27/">झारखंडहाईकोर्ट से राहुल गांधी को मिली राहत बरकरार, 27 जून को अगली सुनवाई
लगातार बढ़ रही महंगाई के कारण गहराई मंदी की आशंका
बता दें कि अमेरिका में महंगाई आसमान छू रही है. मई में खुदरा महंगाई दर (US Retail Inflation) 8.6 फीसदी रही, जो 40 साल यानी साल 1981 के बाद से सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गयी थी. महंगाई पर काबू पाने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में 0.75 फीसदी की बढ़ोतरी की. जिसके बाद ब्याज दर बढ़कर 1.75 फीसदी हो गयी. केंद्रीय बैंक ने इससे पहले 28 साल पहले नवंबर 1994 में ब्याज दर में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की थी. इकोनॉमी से लिक्विडिटी कम करने और डिमांड पर लगाम लगाने के लिए फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर में इजाफा किया है. ब्याज दरों के बढ़ने से मंदी का खतरा अधिक गंभीर होता जा रहा है. इसे भी पढ़े : जुमे">https://lagatar.in/ranchi-police-alert-regarding-friday-prayers-police-force-deployed-everywhere/">जुमेकी नमाज को लेकर रांची पुलिस अलर्ट, चप्पे- चप्पे पर पुलिस बल तैनात [wpse_comments_template]

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