Ranchi : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा सदर अस्पताल में बच्चे को संक्रमित ब्लड चढ़ाये जाने के मामले को झारखंड हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया है. अदालत ने दीपक हेंब्रम की याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में आवेदन देने का निर्देश दिया है.
कोर्ट ने चाईबासा सदर थाना के इंचार्ज को भी यह निर्देश दिया है कि अगर मामले में संज्ञेय अपराध बनता है तो तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए. मामले की सुनवाई हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी की कोर्ट में हुई.
इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए थाना इंचार्ज से संपर्क किया गया. लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई.
दरअसल चाईबासा में ब्लड ट्रांसफ्यूजन के बाद पांच बच्चे HIV-पॉजिटिव पाए गए थे, जिनमें एक सात वर्षीय थैलेसीमिया रोगी भी शामिल है. पूर्व में झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य स्वास्थ्य सचिव और जिला सिविल सर्जन से रिपोर्ट मांगी थी.
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