Lagatar Desk : नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई-इंडिया इंपैक्ट समिट में "रोजगार क्षमता और एआई का भविष्य" पर चर्चा हुई. इस सत्र में इंफो एज के संस्थापक और कार्यकारी उपाध्यक्ष संजीव बिखचंदानी ने एआई की खूबियां गिनवाईं.
संजीव बिखचंदानी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से नौकरियां खत्म नहीं हो रहीं, बल्कि इससे काम करने की रफ्तार और क्षमता बढ़ रही है. उन्होंने युवाओं को एआई के 10 से 15 जरूरी टूल सीखकर अपने करियर को मजबूत बनाने की सलाह दी है.
एआई टूल्स नहीं सीखे तो पीछे छूट जाएंगे
इंफो एज के संस्थापक ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते एआई टूल्स नहीं सीखे तो आप तेजी से बदलती दुनिया में पीछे छूट सकते हैं. उन्होंने कहा कि नई तकनीक अपनाना अब विकल्प नहीं, बल्कि करियर में आगे बढ़ने के लिए जरूरी हो गया है.
संजीव बिखचंदानी ने कहा कि अभी एआई की वजह से किसी को नौकरी से नहीं निकाला जा रहा है, बल्कि इसका उपयोग काम को आसान और प्रभावी बनाने में हो रहा है. उदाहरण देते हुए बताया कि कई कंपनियों के लिए छोटे या कम भुगतान करने वाले ग्राहकों को संभालना महंगा पड़ता है.
ऐसे में एआई से चलने वाले चैटबॉट और वॉयस बॉट ग्राहकों से बातचीत कर सकते हैं. इससे कंपनी को ज्यादा कर्मचारी रखने की जरूरत नहीं पड़ती और ग्राहकों को भी बेहतर सेवा मिलती है.
बिखचंदानी ने कहा कि युवाओं को बड़ी नीतियों या तकनीकी बहस में उलझने की जरूरत नहीं है. उन्हें अपने करियर पर ध्यान देना चाहिए और एआई के कुछ उपयोगी टूल सीखने चाहिए. इससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी और वे दूसरों से आगे रहेंगे.
नौकरियां प्रभावित करेगा पर, नए रोजगार के अवसर भी देगा
वहीं एचसीएल टेक्नोलॉजीज के पूर्व सीईओ विनीत नैयर ने कहा कि एआई लगभग 50% नौकरियों को प्रभावित करेगा. लेकिन 50% से ज्यादा नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा.
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