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आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का रंग-रोगन 15 जनवरी तक पूरा करने का निर्देश

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने राज्य भर में कार्यरत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के अंतर्गत पंजीकृत यक्ष्मा, कुष्ठ और गैर संचारी रोगों से ग्रसित मरीजों की सूची मोबाइल नंबर के साथ अनिवार्य रूप से अपडेट करें.
 

Ranchi : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने राज्य भर में कार्यरत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के अंतर्गत पंजीकृत यक्ष्मा, कुष्ठ और गैर संचारी रोगों से ग्रसित मरीजों की सूची मोबाइल नंबर के साथ अनिवार्य रूप से अपडेट करें. 

 

साथ ही मरीजों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है. उन्होंने नए मरीजों के पंजीकरण के समय मोबाइल नंबर दर्ज करने पर भी विशेष जोर दिया.

 

मंगलवार को नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान में सीएचओ के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए अभियान निदेशक ने यह निर्देश दिए.

 

यह प्रशिक्षण गोड्डा जिले के महगामा प्रखंड के विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत सीएचओ के लिए आयोजित किया गया था. प्रशिक्षण के दौरान सीएचओ की भूमिका, जिम्मेदारियां और एसबीसीसी तथा आईपीसी से जुड़े विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई.

 

अभियान निदेशक ने कहा कि एनक्वास सर्टिफिकेशन को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां शीघ्र पूरी की जाएं. आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के अंतर्गत सभी बीमार और स्वस्थ लोगों का आभा, आयुष्मान और अबुआ स्वास्थ्य कार्ड शत-प्रतिशत बनाने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही 15 जनवरी तक सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का रंग-रोगन कार्य पूर्ण कराने को कहा गया.

 

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अस्पताल रख-रखाव योजना के तहत गोड्डा जिले के महगामा प्रखंड के कुछ आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक राशि नहीं पहुंचने की सूचना मिली है. इस मामले की जांच कर फंड में देरी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

 

साथ ही सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के अंतर्गत जन आरोग्य समिति के बैंक खातों को अपडेट कराने और भेजी गई राशि का जिला स्तर पर सत्यापन कराने को कहा गया है. गोड्डा के सिविल सर्जन को एक सप्ताह के भीतर राज्य स्तर पर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश भी दिया गया है.

 

इधर, नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य सभागार में झारखंड एड्स कंट्रोल सोसाइटी की ओर से परामर्शदाताओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए परियोजना निदेशक शशि प्रकाश झा ने एचआईवी निगरानी के लिए डेटा संग्रह की नई तकनीकों और सॉफ्टवेयर के उपयोग पर बल दिया. उन्होंने कहा कि एचआईवी के प्रसार को रोकने में सटीक आंकड़े और प्रभावी रणनीति सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

 

कार्यक्रम में आईईसी कोषांग के नोडल पदाधिकारी डॉ. लाल मांझी, एड्स कंट्रोल सोसाइटी के सहायक निदेशक डॉ. शमी अख्तर, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के डॉ. आरके महतो, राष्ट्रीय टीम के डॉ. अभिजीत, रिम्स के डॉ. देवेश, डॉ. मिथिलेश सहित कई अन्य विशेषज्ञ उपस्थित थे.

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