- 2019 में बनी नीति में सरकार ने किया है संशोधन
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दो दिन में फिर से प्रस्ताव देने का निर्देश
जिन जिला शिक्षा अधीक्षकों ने अभी तक निदेशालय को प्रस्ताव नहीं भेजा है, उनमें पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह, रामगढ़, गोड्डा, लातेहार, सिमडेगा, धनबाद, लोहरदगा, पलामू, खूंटी शामिल हैं. एक बार फिर से इन्हें दो दिनों में शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण का प्रस्ताव देने को कहा गया है. जिला शिक्षा समिति की अनुशंसा पर ही प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा शिक्षकों का अंतर जिला स्थानांतरण किया जाना है.जून की बजाय दिसंबर माह में होगा शिक्षकों का स्थानांतरण
राज्य सरकार ने बीते जून माह में सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के अपने जिले के दूसरे स्कूलों या अंतर जिला स्थानांतरण करने का फैसला किया था. इसके लिए सरकार ने वर्ष 2019 में लागू नीति में संशोधन किया है. संशोधन के तहत निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले शिक्षकों का ही अंतर जिला स्थानांतरण किया जाना है. इसे लेकर तत्कालीन विभागीय सचिव राजेश शर्मा ने शिक्षा निदेशालय के साथ बैठक भी की थी. जारी संशोधन में शिक्षकों का स्थानांतरण जून की बजाय दिसंबर महीने में करने का फैसला लिया गया है. स्थानांतरण की प्रक्रिया में वही शिक्षक आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने किसी भी जोन में उक्त कैलेंडर वर्ष की एक फरवरी को पांच वर्ष या उससे अधिक समय की सेवा दी है. इसे भी पढ़ें – सुप्रीम">https://lagatar.in/supreme-court-will-review-the-demonetisation-case-summoned-the-affidavit-from-the-central-government-and-rbi/">सुप्रीमकोर्ट नोटबंदी मामले की समीक्षा करेगा, केंद्र सरकार और RBI से हलफनामा तलब किया, अब नौ नवंबर को सुनवाई [wpse_comments_template]

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