Ranchi : रिम्स के कॉलेज ऑफ नर्सिंग में शुक्रवार से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई. सम्मेलन का विषय "Bench to Bookshelf: Translating Research into Publishable Evidence" रखा गया है. इसका उद्देश्य नर्सिंग शिक्षकों, शोधकर्ताओं, स्वास्थ्यकर्मियों और विद्यार्थियों को बेहतर रिसर्च और वैज्ञानिक लेखन के लिए तैयार करना है.
सम्मेलन का उद्घाटन रिम्स के निदेशक प्रो. डी.के. सिन्हा, डीन अकादमिक प्रो. राजीव मिश्रा और रांची विश्वविद्यालय के डीन फैकल्टी प्रो. उमाशंकर प्रसाद केसरी ने किया.
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि बेहतर रिसर्च और उसका सही प्रकाशन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है. उन्होंने नर्सिंग क्षेत्र में अनुसंधान और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया.
सम्मेलन के पहले दिन देश और विदेश के विशेषज्ञों ने रिसर्च की प्रक्रिया, वैज्ञानिक लेखन, प्रकाशन के नियम, रिसर्च में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और अंतरराष्ट्रीय जर्नल में शोध प्रकाशित करने जैसे विषयों पर जानकारी दी.
इस सम्मेलन में देश के अलग-अलग नर्सिंग कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों से 500 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. पहले दिन शोध पत्र और पोस्टर प्रस्तुति भी हुई, जिसमें युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए.
यह सम्मेलन Continuing Nursing Education (CNE) कार्यक्रम के तहत भी आयोजित किया जा रहा है. इसमें शामिल प्रतिभागियों को क्रेडिट आवर्स दिए जाएंगे.
कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रभारी प्राचार्या डॉ. सुधादेवी एम. ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन नर्सिंग क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण रिसर्च और वैज्ञानिक प्रकाशन को बढ़ावा देने में मदद करेगा.
सम्मेलन का समापन 25 जुलाई को होगा. अंतिम दिन विभिन्न वैज्ञानिक सत्र, शोध प्रस्तुतियां और समापन समारोह आयोजित किया जाएगा. साथ ही प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे और बेहतर शोध पत्र व पोस्टर प्रस्तुत करने वालों को सम्मानित किया जाएगा.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment