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बगोदर BDO के खिलाफ होगी जांच, DC से 15 दिनों में मांगी रिपार्ट

झारखंड के गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड की प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) निशा कुमारी पर अबुआ आवास योजना के तहत अधिसूचित सुरक्षित वन भूमि पर अवैध स्वीकृति देने, सरकारी राशि के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच होगी. ग्रामीण विकास विभाग की अपर सचिव शैल प्रभा कुजूर ने गिरिडीह DC को पत्राचार कर 15 दिनों में पूरे मामले की जांच रिपार्ट देने का निर्देश दिया है.
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Ranchi :  गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड की प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) निशा कुमारी पर अबुआ आवास योजना के तहत अधिसूचित सुरक्षित वन भूमि पर अवैध स्वीकृति देने, सरकारी राशि के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच होगी. ग्रामीण विकास विभाग की अपर सचिव शैल प्रभा कुजूर ने गिरिडीह DC को पत्राचार कर 15 दिनों में पूरे मामले की जांच रिपार्ट देने का निर्देश दिया है. 

 

बिना स्थलीय निरीक्षण या भूमि की प्रकृति की जांच किए, अवैध स्वीकृति को दे दी मंजूरी

दरअसल सोशल एक्टिविस्ट और पर्यावरणविद संतोष कुमार दास ने BDO निशा कुमारी के खिलाफ ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा है. संतोष कुमार ने अपनी शिकायत में कहा है कि निशा कुमारी ने वित्तीय वर्ष 2024-2025 में अबुआ आवास योजना के तहत तारा कुमारी पांडे, पति सन्नू कुमार पांडे, निवासी ग्राम खेतको, थाना बगोदर, जिला गिरिडीह, को आवास निर्माण के लिए स्वीकृति दी. इस स्वीकृति (रजिस्ट्रेशन आईडी 2870907) के तहत मौजा - खेतको, प्लॉट संख्या - 5979 पर मकान निर्माण के लिए राशि आवंटित की गई. लेकिन उक्त प्लॉट अधिसूचित सुरक्षित वन भूमि (प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट) है. इसके बावजूद BDO निशा कुमारी ने बिना स्थलीय निरीक्षण या भूमि की प्रकृति की जांच किए इस अवैध स्वीकृति को मंजूरी दी और सरकारी राशि का भुगतान भी कर दिया.

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