Ranchi: झारखंड विधानसभा में चाईबासा में बच्चों को कथित रूप से संक्रमित खून चढ़ाए जाने के मामले पर सदन में तीखी बहस हुई. विधायक अरुप चटर्जी ने सदन में यह मामला उठाते हुए कहा कि चाईबासा में बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाने की शिकायत सामने आई थी. उन्होंने पूछा कि विभाग द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट कब तक आएगी और सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है.
लिखित जवाब में विभाग की ओर से कहा गया कि बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव ब्लड नहीं चढ़ाया गया था. इस पर विधायक अरुण चटर्जी ने मंत्री पर आरोप लगाया कि वे दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं.
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की सभी खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सदन में कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि जिन बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाए जाने की आशंका जताई गई थी, उनके परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है.
विधायक ने मांग की कि पीड़ित बच्चों का पूरा इलाज सरकार अपने खर्चे पर कराए. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार को निर्देश दिया कि पीड़ितों के उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और चल रहे सत्र में ही जांच रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाए.
जबाब में मंत्री ने कहा कि जांच में समय लगेगा, इसपर विधानसभा अध्यक्ष ने 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत करने का स्पष्ट निर्देश दिया. मंत्री ने आश्वासन दिया कि यथाशीघ्र जांच पूरी कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी. लेकिन 15 दिनों में नहीं होगा,समय लगेगा.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment