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Jamtara News: मनरेगा की योजनाओं में अनियमितता उजागर, लाखों की निकासी पर उठे सवाल

Jamtara News: योजना में कुल 4 लाख 36 हजार 870 रुपये की निकासी बताई गई, जबकि जांच में करीब 40,863 रुपये की अधिक निकासी का मामला सामने आया. ऑडिट के दौरान भी कार्य की प्रगति में अंतर पाया गया. हालांकि, प्रखंड स्तरीय ज्यूरी ने मामले में मात्र पांच प्रतिशत रिकवरी का निर्णय लिया, जिस पर सवाल उठ रहे हैं.
 
मनरेगा की योजनाओं में अनियमितता

Jamtara News: जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड में शुक्रवार को प्रखंड स्तरीय मनरेगा जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रखंड की 25 पंचायतों में हुए सामाजिक अंकेक्षण के आधार पर चरणबद्ध तरीके से जनसुनवाई की जा रही है. शुक्रवार को बंदरचुआ, झिलुवा बुधुडीह, मंझलाडीह और नयाडीह पंचायतों की योजनाओं की सुनवाई हुई, जिसमें मनरेगा की कई योजनाओं में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं.

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बंदरचुआ पंचायत में छह योजनाओं के कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड और दस्तावेज में आवश्यक फोटो उपलब्ध नहीं पाए गए. ग्रामसभा के बिना योजना संचालित किए जाने पर 300 रुपये का जुर्माना लगाया.

 

वहीं करीब 25.58 लाख रुपये की राशि बिना कार्य के निकासी किए जाने का मामला भी जनसुनवाई में सामने आया. प्रस्तुत मापी पुस्तिका में कनिष्ठ अभियंता के हस्ताक्षर की तारीखों में भी विसंगति मिली. कई योजनाओं में कार्य की तुलना में अधिक राशि निकासी किए जाने की बात सामाजिक अंकेक्षण टीम ने बताई.

 

सबसे गंभीर मामला अमजोरा गांव में कुसमी देवी के तालाब निर्माण से जुड़ा सामने आया. सामाजिक अंकेक्षण के अनुसार तालाब का कार्य पूर्ण दिखाया गया था, जबकि स्थल पर निर्धारित कार्य के अनुरूप खुदाई नहीं मिली.

 

योजना में कुल 4 लाख 36 हजार 870 रुपये की निकासी बताई गई, जबकि जांच में करीब 40,863 रुपये की अधिक निकासी का मामला सामने आया. ऑडिट के दौरान भी कार्य की प्रगति में अंतर पाया गया. हालांकि, प्रखंड स्तरीय ज्यूरी ने मामले में मात्र पांच प्रतिशत रिकवरी का निर्णय लिया, जिस पर सवाल उठ रहे हैं.

 

बुधुडीह पंचायत के भेलाटांड गांव में रुमा देवी की जमीन पर कूप निर्माण योजना में बिना बिल-वाउचर और लाभुक के हस्ताक्षर के राशि निकासी किए जाने की बात सामने आई. वहीं दुर्योधन दास के कूप निर्माण में 75,054 की अधिक निकासी का मामला सामने आया. रोजगार सेवक द्वारा प्रस्तुत कार्य संबंधी फोटो भी जांच टीम को संतोषजनक नहीं मिले.

 

जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को अनियमितताओं में सुधार करने, अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा नियमों के अनुरूप अभिलेख दुरुस्त करने का निर्देश दिया. सामाजिक अंकेक्षण में सामने आए मामलों से मनरेगा योजनाओं की निगरानी और सरकारी राशि के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

 

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