Ranchi : आईआरएस अफसर निशा उरांव पेसा रूल को लेकर उहापोह की स्थिति में है. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने बड़े ही तार्किक अंदाज में दिल की बात कह डाली है.
2008 बैच की अफसर निशा उरांव लिखती है कि लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में, यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है, जवाबदेही किसकी. बताते चलें कि निशा उरांव झारखंड में प्रतिनियुक्ति के समय 2023-25 तक पंचायती राज निदेशक भी रहीं थी.
उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे लिखा है कि निजी एजेंडा" पर चलने वाले कुछ गैर- रूढ़िजन्य आदिवासी पेसा से "परंपरा और धर्म संरक्षण" को मिटाने का षड्यंत्र कर रहे हैं और आवाज उठाने वाले सरना आदिवासियों को व्यक्तिगत टारगेट कर रहे हैं।.
यह पेसा नियमावली अलग है
निशा उरांव ने कहा है कि पेसा नियमावली जारी हो गई है. जुलाई 2023 में मेरे कार्यकाल में प्रकाशित प्रारूप तथा मार्च 2024 में विधि विभाग द्वारा अनुमोदित प्रारुप से यह अलग है. इसमें कई संशोधन हुए हैं. इसका विस्तार से विश्लेषण करूंगी.
आगे लिखा है कि गैर-रूढ़िजन्य आदिवासी मंडली - खुश तो बहुत होंगे आप लोग? आप सब के असंवैधनिक दबाव के कारण नियमावली में मूल बदलाव दिख रहा है?! लेकिन इसी षड्यंत्र का अब पूरे राज्य के सामने खुलासा होगा !! कमर कस लीजिए !
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