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ISIS झारखंड मॉड्यूल : आतंकी राहुल सेन उर्फ ​​उमर से NIA ने पूछताछ की

Ranchi :  इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस, ISIS) झारखंड मॉड्यूल मामले में एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने गिरफ्तार आतंकी से पूछताछ की है. रांची की एनआईए ब्रांच ने आतंकी राहुल सेन उर्फ ​​उमर से पांच दिनों तक पूछताछ की है. (पढ़ें, राघणीति">https://lagatar.in/before-marriage-the-picture-of-raghnitis-reception-surfaced-the-couple-looked-beautiful-together/">राघणीति

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14 सितंबर को छह राज्यों के नौ ठिकानों पर एनआईए ने की थी छापेमारी

गौरतलब है कि बीते 14 सितंबर को आईएसआईएस झारखंड मॉड्यूल मामले का भंडाफोड़ करने के लिए एनआईए ने छह राज्यों के नौ ठिकानों पर छापेमारी की थी. एनआईए ने छह राज्यों में जिन स्थानों पर छापेमारी की थी, उसमें बिहार का सीवान, उत्तरप्रदेश का जौनपुर, आजमगढ़ और महाराजगंज, मध्य प्रदेश का रतलाम, पंजाब का लुधियाना, गोवा का दक्षिण गोवा, कर्नाटक का यादगीर और महाराष्ट्र का मुंबई शामिल था. छापेमारी के दौरान एजेंसी ने देश में आतंक फैलाने की साजिश में शामिल राहुल सेन उर्फ ​​उमर उर्फ ​​उमर बहादुर को गिरफ्तार किया था. एनआईए ने उसके पास से इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल डिवाइस (लैपटॉप, पेन ड्राइव), कई आपत्तिजनक सामग्री, एक चाकू, एक पर्दा और आईएसआईएस से संबंधित कई दस्तावेज बरामद किये थे.

ISIS के झारखंड मॉड्यूल का ऐसे हुआ खुलासा

ISIS झारखंड मॉड्यूल का खुलासा इस साल जुलाई में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के एक छात्र फैजान की गिरफ्तारी के बाद हुआ था. छात्र फैजान मूल रूप से लोहरदगा जिले का रहने वाला है. वह एएमयू परिसर के पास रहने के दौरान आईएसआईएस से जुड़े कट्टरपंथी व्यक्तियों के संपर्क में आया था. जिसके बाद 23 साल के उमर को आईएसआईएस के दुष्प्रचार के प्रसार सहित आतंकी साजिश में सक्रिय भूमिका के लिए रतलाम से गिरफ्तार किया गया था. इसे भी पढ़ें : Asian">https://lagatar.in/asian-games-2023-indias-first-gold-medal-in-the-bag-world-record-made-in-shooting/">Asian

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फैजान ने रची थी झारखंड आतंकी मॉड्यूल की साजिश 

एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि 19 साल के फैजान ने आईएसआईएस को आतंकवादी गतिविधियों में सहायता करने व बढ़ावा देने के इरादे से सोशल मीडिया के जरिये अपने सहयोगियों व अज्ञात अन्य लोगों के साथ झारखंड आतंकी मॉड्यूल की साजिश रची थी. इस साजिश का उद्देश्य आईएसआईएस की ओर से भारत में हिंसक आतंकी हमले करना, भोले-भाले युवाओं को कट्टरपंथी बनाना और प्रतिबंधित संगठन के लिए काम करने के लिए युवाओं की भर्ती करना था. इसी मामले की जांच रांची की एनआईए ब्रांच कर रही है. इसे भी पढ़ें : जमीन">https://lagatar.in/one-land-many-claimants/">जमीन

1, दावेदार 2
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