Ranchi: झारखंड विधानसभा में विधायक अमित कुमार यादव ने बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुए एमओयू से मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि क्या इस समझौते के तहत मिलने वाली सुविधाएं मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, सचेतकों और विभिन्न बोर्ड, निगम व आयोगों के अध्यक्षों के साथ काम करने वाले निजी सचिवों और सहायकों को भी मिलेंगी.
विधायक ने विशेष रूप से उन कर्मियों का जिक्र किया जो बाहरी कोटा से नियुक्त किए गए हैं. उन्होंने कहा कि इन कर्मियों को भी जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा, आवास ऋण और शिक्षा ऋण जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए.
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इस पर जवाब देते हुए मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य सरकार और बैंक ऑफ इंडिया के बीच एमओयू हुआ है. इसके तहत सरकारी और संविदा कर्मियों को, जिनका सैलरी अकाउंट बैंक ऑफ इंडिया में है, बीमा और ऋण की सुविधाएं दी जा रही हैं.
उन्होंने कहा कि इसी आधार पर मुख्यमंत्री, नेता विरोधी दल, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विभिन्न बोर्ड, निगम व आयोगों के अध्यक्षों के साथ काम करने वाले बाहरी कोटा के कर्मी भी इन सुविधाओं के पात्र होंगे. उन्होंने यह भी बताया कि ये सुविधाएं तब तक मिलती रहेंगी, जब तक संबंधित कर्मी अपने पद पर कार्यरत रहेंगे. इसके लिए जरूरी है कि उनका सैलरी अकाउंट बैंक ऑफ इंडिया में हो.
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