Kathmandu : नेपाल में Gen-Zआंदोलन के दौरान हीरो बनकर उभरे रैपर से राजनेता बने बालेंद्र शाह पीएम बनने की दिशा में काफी आगे बढ़ गये हैं. नेपाल में हुए राष्ट्रीय चुनावों में वोटों की गिनती जारी है.
चुनाव में बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की लहर साफ दिखाई दे रही है आज शुक्रवार को जारी मतगणना में RSP शाम 3.50 बजे तक 100 सीटों पर आगे और दूसरे नंबर पर नेपाली कांग्रेस महज12 सीटों पर आगे चल रही थी.
केपी ओली की पार्टी सीपीएन यूएमएल 9 सीटों पर आगे थी. इस परिणाम के बाद 35 साल के बालेंद्र शाह के नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने की चर्चा शुरू हो गयी है.
बालेंद्र शाह ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है.उन्होंने कर्नाटक के विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर की डिग्री हासिल की है.
इंजीनियर बनने के बाद उन्होंने रैपर के तौर पर भी पहचान बनाई इसके बाद बालेंद्र शाह ने 2022 में राजनीति में इंट्री ली. निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में काठमांडू के मेयर का चुनाव लड़ा और 61,767 वोटों से जीत हासिल की.
पिछले साल Gen-Z प्रदर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफा देने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा.उन्होंने सोशल मीडिया पर लिख कर चौंका दिया था कि प्रिय Gen-Z आपके हत्यारे का इस्तीफा आ गया है. अब आपकी पीढ़ी को देश को लीड करना होगा. तैयार रहें.
बता दें कि बालेंद्र शाह के कई ऐसे बयान है, जो भारत विरोधी हैं. एक समय उन्होंने उन्होंने नेपाल सरकार को भारत का दास करार दिया था.
जब वह काठमांडू के मेयर थे, तब भारतीय फिल्म आदिपुरुष की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी थी. दरअसल फिल्म में मां सीता को नेपाल की जगह भारत की बेटी बताया गया था. बालेन ने सीता माता को नेपाल की बेटी कहा था.
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