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झा. विस. सत्र: बजट किस काम का जब मरीज एंबुलेंस में ऑक्सीजन ना होने के कारण मर जाए- कुमार उज्जवल

Ranchi : सिमरिया विधायक कुमार उज्जवल ने कहा कि तृतीय अनुपूरक बजट को पढ़ते वक्त कुछ पंक्तियां याद आ गयी. झुका था एक डाल की ओर ये सोच कर की सहारा मिलेगा. पर बैठने की बात जब आयी तो वह डाल ही टूट गई. 

 

हर बार नया सपना. पर सड़क वही टूटी. अस्पताल खाली. लगता है विकास रास्ता पूछते -पूछते कहीं और मुड़ गया. हर बार नई तारीख. 

 

सरकार अनपूरक बजट लाती है, लेकिन बजट की राशि खर्च नहीं कर पाती. तृतीय अनुपूरक बजट में अलग-अलग विभागों के लिए बजट का प्रावधान किया गया है. विधायक ने सभी विभागों को मिली राशि का जिक्र किया.

 

फिर कृषि विभाग की बात करते हुए कहा कि यहां खनिज ही नहीं कृषि की भी संभावना है. किसान भी सरकार से उम्मीद करते हैं विकास की. लेकिन योजनाएं सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गई है. पिछले साल भारी बारिश हुई. किसानों को क्षति हुई. मुआवजा नहीं मिला. चतरा में मुआवजा नहीं मिला. वह आर्थिक तंगी के शिकार हैं.

 

चतरा के मयूरहंड में एफसीआई का गोदाम वर्षों से बंद पड़ा है. उसमें अब तक कोई अनाज नहीं गया. चतरा में धान क्रय केंद्र बहुत है, लेकिन वहां से धान का उठाव नहीं हो रहा है. किसान औने-पौने दाम में धान बेच रहे हैं.

 

तालाबों का गहरीकरण पर पिछले बजट सत्र में भी चर्चा हुई थी. यह काम नहीं हुआ अब तक. लोकहित की योजनाएं पूरी नहीं हो रही. किसान अनाज को सही दाम पर नहीं बेच पा रहे. कृषि यंत्रों का वितरण तो होता है, पर सही हाथ में नहीं पहुंचता. सरकार को इस बारे में सर्वे कराना चाहिए.

 

राज्य सरकार कहती है कि केंद्र पैसा नहीं दे रही है. लेकिन सरकार अपने गिरेबां में झांके. फसलों की क्षति पर किसानों को मुआवजा नहीं मिलता. 

 

वेटनरी वैन का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि 2024-25 से अभी तक शुरुआत ठीक से नहीं हुई है. ड्राईवरों को तीन माह से वेतन नहीं मिल रहा है. झारखंड में 108 एंबुलेंस ने वेटनरी वैन शुरु करने में असमर्थता जतायी है.

 

भवन निर्माण के लिए पांच करोड़ का लक्ष्य है. हजारीबाग में ऐसे कई भवन हैं, जिनका उपयोग नहीं हो रहा है. इलाज के लिए जो इमारत बने वह खंडहर हो गये हैं. चतरा का पोलिटेकनिक कॉलेज सात साल पहले बना, लेकिन वह कॉलेज शुरु ही नहीं हुआ. सरकार पुराने भवनों का सर्वे कराये.

 

स्वास्थ्य विभाग का हाल देखिये. सरकारी अस्पतालों को देखिये. चतरा जिला में 127 पोस्ट है डॉक्टर है. 25 स्थायी और 12 अस्थायी चिकित्सक ही हैं मात्र. पत्थलगडा अस्पताल में मुझे चमगादड़ मिला. शुगर मापने वाला यंत्र खराब पड़ा था.

 

एंबुलेंस दो घंटे तक आया ही नहीं, क्योंकि एंबुलेंस देवघर श्रावणी मेला में चला गया है. ईटखोरी के शेर सिंह ने एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं होने की वजह से हजारीबाग पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ दिया.

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