- यूसिल विस्थापितों व मजदूरों की आवाज थे जोहेन दास बास्के: बी एन बास्के
Jadugoda :जादूगोड़ा के नरवा पहाड़ स्थित धोबनी गांव में गुरुवार को झारखंड आंदोलनकारी सह अधिवक्ता दिवंगत जोहेन दास बास्के की चौथी पुण्यतिथि मनाई गई.इस अवसर पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया. कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन और सामाजिक सरोकारों को स्मरण करते हुए उन्हें झारखंड आंदोलन का सशक्त स्तंभ बताया.
इस मौके पर उनके छोटे भाई सह यूसिल के युवा मजदूर नेता बी.एन. बास्के ने कहा कि दिवंगत जोहेन दास बास्के गरीबों, विस्थापितों और यूसिल मजदूरों की बुलंद आवाज थे. उन्होंने मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया और कंपनी में उनका हक दिलाने के लिए लगातार संघर्ष किया.
उन्होंने कहा कि पोटका क्षेत्र में झामुमो को शून्य से ऊंचाई तक पहुंचाने में जोहेन दास बास्के की अहम भूमिका रही. पार्टी को मजबूत आधार देने के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. झारखंड आंदोलन के दौरान उन्हें वर्ष 1987 में जेल भी जाना पड़ा था.कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया.
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