Ghatshila : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड क्षेत्र में आदिवासियों ने वर्षों पुरानी परंपरा शिकार पर्व मनाया. इधर इस मौके पर भारी संख्या में जिले के कोने-कोने से लोग पारंपरिक हथियार के साथ शिकार पर्व मनाने जादूगोड़ा स्थित राजदोहा गांव के रांगा पहाड़ पर चढ़े और परंपरा का निर्वाह किया. इस दौरान क्षेत्र में वन विभाग भी चौकस रहा व कई लोगों को अधिकारियों ने समझा-बुझा कर शिकारियों को लौटा दिया, जबकि काफी संख्या में आदिवासी शिकार पर्व मनाने राजरांगा पहाड़ पर चढ़े, लेकिन कोई भी जंगली जानवर का शिकार किए बगैर निराश लौट गए. इसे भी पढ़ें : मैहर">https://lagatar.in/deoghar-like-accident-was-avoided-in-maihar-28-people-hanging-in-ropeway-trolleys/">मैहर
में देवघर जैसा हादसा होने से बचा, रोपवे ट्रॉलियों में लटके रहे 28 लोग ग्रामीणों में ऐसी मान्यता है कि शिकार पर्व मनाने से अच्छी बारिश होती है व रांगा पहाड़ देवता खुश होते हैं. साल भर लोग निरोग रहते हैं. वहीं कई लोग पर्यावरण की सुरक्षा के तौर पर इस पर्व को मनाते हैं. इस दौरान वन विभाग की ओर से महेश्वर दास, परेश हेम्ब्रम, भादू राम सोरेन, मिस्टर मुर्मू, रूपेण मुर्मू, रूपा चौधरी, अजीत मुर्मू, किरण मंडल, संजय दास, विप्लव कुमार शिकारियों पर पूरी तरह से नजर रखे हुए थे. [wpse_comments_template]
जादूगोड़ा : आदिवासी समुदाय ने रांगा पहाड़ पर मनाया शिकार पर्व

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