Ranchi: जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गयी है. साथ ही न्याय समिति द्वारा अपने बैंक अकाउंट(01xxxxxxx3177) का KYC मंदिर पुनर्निर्माण समिति के PAN- AAATJ5613J से कराने का आरोप लगाया है. पुनर्निर्माण समिति अब अस्तित्व में नहीं है.
हाईकोर्ट के अधिवक्ता हर्ष कुमार अंकित ने इस सिलसिले में रांची के उपायुक्त को एक ज्ञापन दिया है. इसमें यह कहा गया कि जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति से जुड़े दस्तावेज की जांच के दौरान कई गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पायी गयी हैं. धुर्वा स्थित कैनरा बैंक में न्यास समिति का बैंक खाता है. लेकिन इस खाते का KYC मंदिर पुनर्निर्माण समिति के PAN से कराया गया है. मंदिर पुनर्निर्माण समिति का अब कोई अस्तित्व नहीं है. मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद यह समिति भंग हो गयी है. मंदिर न्याय समिति के बैंक अकाउंट का KYC दूसरी संस्था के PAN से कराना रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित दिशा निर्देश का उल्लंघन है.
उपायुक्त को दिये गये ज्ञापन में कहा गया कि न्यास समिति के खर्च से संबंधित अधिकांश बिल सादे कागज पर या खुद तैयार किये गये लेटर हेड पर है. खरीद से जुड़ा GST बिल नहीं है. अधिकांश बिलों पर GST नंबर नहीं है.

डीसी को जांच के लिए लिखी गयी शिकायत की कॉपी
इससे न्यास समिति द्वारा किया गया खर्च संदेहास्पद प्रतीत होता है. न्यास समिति द्वारा बैंक में किये गये FD पर TDS की कटौती मंदिर पुनर्निर्माण समिति के PAN- AAATJ5613J पर की जा रही है. इस मद में प्रति माह 15-20 हजार रुपये की कटौती की जा रही है. न्यायास समिति द्वारा की जा रही इन अनियमितताओं के मद्देनजर उपायुक्त से मामले की विस्तृत जांच कराने का अनुरोध किया गया है.
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