: मत्स्य पालकों का एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न
भौतिक तथा भाषा विकास के बारे में जानकारी दी गई
[caption id="attachment_365248" align="alignnone" width="1040"]alt="" width="1040" height="488" /> प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित स्वंय सेवक[/caption] प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षक पिंकु तामसोय, मधुसुदन सिंकु, बिशाल गोप वं राजश्री सिंकु द्वारा तीन से नौ वर्ष के बच्चों में मुलभूत सारक्षता के दौरान जरुरत शैक्षाणिक गतिविधियां क्या हो सकती है के बारे जानकारी दी गई. साथ ही किन-किन शैक्षाणिक गतिविधियों में बच्चों का समाजिक, भावनात्मक, संज्ञानात्मक, शरीरिक एवं भौतिक तथा भाषा विकास होता है के बारे जानकारी दी गई. प्रशिक्षण में स्वयं सेवकों और एलईपी शिक्षकों को हिन्दी और मुख्यत : गणित के साथ-साथ निपूर्ण भारत कार्यक्रम व इसके उद्देश्य की भी जानकारी दी गई. मौके पर मुखिया हीरामनी केराई ने कहा कि बच्चों की नीव को मजबुत करने का यह एफएलएन कार्यक्रम काफी महत्वपूर्ण है. उन्होने सभी स्वयं सेवकों को इस समाजिक दायित्व के प्रशिक्षण के बाद निर्वाहन करने की शुभकामनाऐं दी. इस अवसर पर जीपीसीएम लक्ष्मी कुमारी, सीएफ पूनम पुरती, सत्यवती गोप, मेचो दिग्गी, कालीचरण हाईबुरु सहित अन्य उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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