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जगदानंद सिंह खुद को बंधा हुआ महसूस करने लगे थे
बता दें कि 1 अक्टूबर को जगदानंद सिंह द्वारा कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए आदेश निकाला गया था. जिसमें कहा गया था पार्टी नेताओं को सरकार, संगठन के बड़े मुद्दे पर बोलने से परहेज करना चाहिए. औपचारिक तौर पर यह आदेश जगदानंद सिंह का था लेकिन ऐसा लालू प्रसाद और तेजस्वी के कहने पर किया गया था. तभी से जगदानंद सिंह खुद को बंधा हुआ महसूस करने लगे थे. जगदानंद सिंह की नाराजगी पहले भी कई बार दिखी थी जब लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव द्वारा उन्हें अपमानित होना पड़ा था. लेकिन उस समय लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव द्वारा मनाए जाने पर जगदानंद सिंह पार्टी में बने रहे. इसे भी पढ़ें - शादी">https://lagatar.in/nayantara-gave-birth-to-twins-after-four-months-of-marriage-also-revealed-the-name-of-the-son/">शादीके चार माह बाद ही नयनतारा ने जुड़वां बच्चे को दिया जन्म, बेटे का नाम भी किया रिवील
जगदानंद सिंह को नहीं मनाया जायेगा - तेजस्वी
रविवार को तेजस्वी यादव के बयान में साफ हो गया कि जगदानंद सिंह को मनाने के लिए आरजेडी तैयार नहीं हैं. सूत्रों के मुताबिक आरजेडी अब्दुल बारी सिद्दीकी को प्रदेश अध्यक्ष की कमान देने की तैयारी कर रही है. अब्दुल बारी सिद्दीकी आरजेडी सरकार में मंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं और लालू प्रसाद सहित तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार के साथ उनके रिश्ते मधुर रहे हैं. महागठबंधन सरकार को बेहतर चलाने के उद्देश्य से आरजेडी अपने प्रदेश अध्यक्ष का पद ऐसे नेता को सौंपना चाहती है जो जेडीयू के सर्वपरि नेता नीतीश कुमार के साथ बेहतर तालमेल रख सके. इसे भी पढ़ें - मुलायम">https://lagatar.in/mulayam-singh-yadavs-death-president-and-prime-minister-expressed-grief/">मुलायमसिंह यादव का निधन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक [wpse_comments_template]

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