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जयपाल सिंह मुंडा ने आदिवासी अस्मिता, अधिकार व स्वशासन की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया : सीएम

Ranchi :  सीएम हेमंत सोरेन ने दूरदर्शी आदिवासी नेता जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया. उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा ने आदिवासी अस्मिता, अधिकार और स्वशासन की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया. वे केवल एक महान खिलाड़ी नहीं,  बल्कि संविधान सभा में आदिवासियों की गरिमा और अधिकारों के सबसे मुखर प्रहरी थे.

 

सीएम ने आगे कहा कि ‘आदिवासी कोई पिछड़ा नहीं,  बल्कि सबसे पहले इस देश के नागरिक हैं’. यह चेतना उनके विचार और संघर्ष की धुरी थी. जल, जंगल और ज़मीन पर आदिवासी समाज का अधिकार सुनिश्चित करना उनका सपना था. उनका जीवन आज भी हमें न्याय, आत्मसम्मान और आदिवासी स्वशासन के लिए संघर्ष का साहस देता है.

 

वहीं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के स्वर्णिम सफर की शुरुआत अपने नेतृत्व में करने वाले पूर्व कप्तान, संविधान सभा के सदस्य और प्रखर राजनीतिक चिंतक जयपाल सिंह मुंडा को सादर नमन.

 

सीएम ने सावित्रीबाई फुले को किया याद


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे एक साहसी समाज सुधारक थीं, जिन्होंने शिक्षा को सामाजिक समानता की सबसे बड़ी ताकत बनाया. उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने केवल शब्दों से नहीं, बल्कि अपने जीवन के संघर्ष से समानता और न्याय का अर्थ समझाया. 

 

सीएम ने आगे कहा कि उस दौर में, जब महिलाओं और वंचित वर्गों को जानबूझकर पीछे रखा जाता था, सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा के माध्यम से उन्हें आत्मसम्मान और अधिकारों की चेतना दी. शोषितों के साथ खड़ा होना उनका कर्तव्य था और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष उनकी पहचान. उनका जीवन आज भी न्याय, संवेदना और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प देता है.

 

 

 

 

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