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जमशेदपुर : ढाई महीने में जिले में बने 39 हजार एवं अब तक 109408 आयुष्मान कार्ड बने

 
Jamshedpur (Sunil Pandey) : जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक गुरूवार को जिला समाहरणालय सभागार में डीआरडीए निदेशक सौरभ सिन्हा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नेहा संजना खलखो, एसीएमओ डॉ. आलोक रंजन महतो, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. आर एन झा, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धावड़िया, सभी एमओआईसी, सीडीपीओ, डीपीसी श्री हाकिम प्रधान, डीडीएम तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी व कर्मी मौजूद रहे. बैठक में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश सभी सीडीपीओ एवं एमओआईसी को दिया गया. निदेशक डीआरडीए ने शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव व बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए शत प्रतिशत उपलब्धि पर जोर दिया और हर स्वास्थ्य कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की. जिले में अप्रैल 2022 से फरवरी 2023 तक संस्थागत प्रसव में 89% उपलब्धि है, सभी एमओआईसी एवं सीडीपीओ को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सेविका एवं सहिया के माध्यम से हरेक गर्भवती महिला को डिलीवरी होने तक फॉलो करें. डिलीवरी जिला के अंदर किसी अस्पताल में हो या पड़ोसी जिला, पड़ोसी राज्य में बस ये सुनिश्चित करें कि संस्थागत प्रसव ही हो. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-there-is-no-example-of-the-sacrifice-made-by-shri-ram-for-his-father-satshree/">जमशेदपुर

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अब तक 109408 लोगों का बना आयुष्मान कार्ड

जिले के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराये जा रहे चिकित्सीय सुविधा से आम लोगों का भरोसा बढ़ा है. दोनों अनुमंडल अस्पताल एवं सभी प्रखंडों के सीएचसी में फरवरी माह में करीब 29 हजार मरीज आए जिनमें 4542 को एडमिट किया गया, एमजीएम में 117 तथा सदर अस्पताल में सिर्फ 5 मरीज रेफर हुए. जिले में अबतक 109408 लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया है, पिछले ढाई महीने में आयुष्मान कार्ड बनाने में काफी गति आई है जिसमें 38961 लोग लाभान्वित हुए हैं. आयुष्मान भारत योजना में सरकारी अस्पतालों की प्रतिभागिता बढ़ाने का निदेश दिया गया. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/girls-unit-of-nss-opened-in-ghatsila-college-prof-archana-surin-became-officer/">घाटशिला

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परिवार नियोजन पर करें फोकस

कुपोषण उपचार केन्द्रों में औसत बेड ऑक्यूपेंसी रेट 81 फीसदी है, ग्रामीण क्षेत्र में कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए शत प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी रखने का निदेश दिया गया. बैठक में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, कुष्ठ रोग खोज, परिवार नियोजन, एनसीडी स्क्रीनिंग सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा के अलावे विशेष संचारी रोग अभियान पर भी चर्चा की गयी. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-the-principal-informed-the-students-about-credit-system-studies-under-nep/">घाटशिला

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