- बिहारियों के संदर्भ में दिया गया राजनीति से प्रेरित: सुबोध श्रीवास्तव
: नई रेल लाइन स्वीकृति मिलने पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने जाताया आभार मुख्यमंत्री को यह ज्ञात होना चाहिए की झारखंड वर्ष 2000 से पहले बिहार का ही हिस्सा था और राज्य विभाजन के बाद जो भी लोग झारखंड में रह गए वह झारखंड को ही अपना सबकुछ मानते हैं. बांग्लादेशी जो झारखंड के कई जिलों की डेमोग्राफी बिगाड़ रहे हैं उस पर झारखंड सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए. भारत का संविधान सभी देशवासियों को यह अधिकार देता है की वो देश के किसी भी राज्य में जाकर अपना रोजगार, व्यवसाय कर अपनी आजीविका चला सकते हैं. मुख्यमंत्री को संविधान के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए रणनीतिक रूप से इस तरह के बयानों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इसे भी पढ़ें : Kiriburu">https://lagatar.in/kiriburu-geeta-koda-announces-ring-the-bell-wake-up-the-government-movement/">Kiriburu
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