Jamshedpur: महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MGM) ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब अस्पताल में किसी भी मरीज की मृत्यु होने पर उसका स्पष्ट और ठोस मेडिकल कारण दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके लिए डेथ ऑडिट सिस्टम लागू किया गया है.
अस्पताल प्रबंधन ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि हर मृत्यु का विस्तृत मेडिकल कारण ऑनलाइन दर्ज किया जाए. अगर रिपोर्ट अधूरी या अस्पष्ट होगी, तो सिस्टम उसे स्वतः अस्वीकार कर देगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य हर मामले की गंभीरता से जांच करना और संभावित लापरवाही की पहचान कर उसे समय रहते दूर करना है.
अक्सर मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर मरीज के परिजनों और अस्पताल के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है. इस नई व्यवस्था से परिजनों को मृत्यु का सटीक कारण मिल सकेगा. वहीं, डॉक्टरों को भी सही दस्तावेजीकरण के कारण अनावश्यक आरोपों से राहत मिलेगी. इससे अस्पताल में जिम्मेदारी और अनुशासन भी बढ़ेगा.
डेथ ऑडिट सिस्टम के जरिए डिजिटल डेटा तैयार होगा, जिससे विभिन्न बीमारियों, इलाज के परिणाम और मृत्यु दर का विश्लेषण किया जा सकेगा. हार्ट अटैक, कैंसर, संक्रमण और मातृ-शिशु मृत्यु जैसे मामलों पर गहराई से अध्ययन संभव होगा.
साथ ही मेडिकल छात्रों को वास्तविक केस स्टडी का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी समझ और कौशल बेहतर होंगे. अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने कहा कि इस पहल से इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों तथा डॉक्टरों दोनों के हित सुरक्षित रहेंगे.
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