- भाजपा के जाल में पूरी तरह फंस चुके हैं पूर्व मुख्यमंत्री
: झीरपाईबुरु जंगल में दिखा तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत चंपई सोरेन के साथ में वही होगा जो मधु कोड़ा, गीता कोड़ा, सीता सोरेन एवं अन्य नेताओं के साथ हुआ. सुखदेव भगत आदि नेताओं को घर वापसी करनी पड़ी. चुनाव आयोग को यह पता था कि ऑपरेशन लोटस होने वाला है इसी कारण झारखंड और महाराष्ट्र में मतदान कराने की घोषणा नहीं की गई. जहां तक चंपाई सोरेन का सवाल है उनके साथ एक भी विधायक नहीं है. पप्पू ने कहा कि हेमंत सोरेन की मेहरबानी से चंपाई को मुख्यमंत्री बनाया गया और उन्होंने झामुमो और पार्टी नेता के साथ विश्वासघात किया. अगर चंपाई सोरेन सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से लगातार जीतते आए हैं तो उनका कोई जनाधार नहीं है बल्कि तीर धनुष चुनाव चिन्ह और झारखंड मुक्ति मोर्चा का जनाधार के कारण उनकी जीत होती रही है. अब उनका राजनीतिक कैरियर मुश्किल भरा होगा. इसे भी पढ़ें : बिहार">https://lagatar.in/bihar-cm-nitish-tied-raksha-sutra-to-the-tree-on-raksha-bandhan-planted-saplings/">बिहार
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