- एआईसीटीई की नोटिस और राजभवन के फरमान से कॉलेजों की परेशानी बढ़ी
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आवेदन नहीं कर पा रहे सरकारी कॉलेज
चूंकि राजभवन का आदेश है, इसलिए सरकारी (अंगीभूत) कॉलेजों को भी बीबीए, बीएससी आदि कोर्स के लिए एआईसीटीई की स्वीकृति लेनी है. इस बीच इन कॉलेजों को आवेदन करने में बाधा आ रही है. कॉलेजों की ओर से बताया जा रहा है कि अब आगे का रास्ता कमोबेश बंद नजर आ रहा है. वजह यह है कि आवेदन के क्रम में एक या दो स्टेप के बाद आगे की प्रक्रिया हो ही नहीं पा रही है. इसे भी पढ़ें : NEET">https://lagatar.in/neet-ug-exam-on-5th-may/">NEETUG 2024 की परीक्षा पांच मई को
क्यों उत्पन्न हो रही समस्या
एआईसीटीई से मिली जानकारी के अनुसार स्टेट यूनिवर्सिटी के अंतर्गत संचालित अंगीभूत कॉलेजों के लिए स्वीकृति लेने की बाध्यता नहीं है, न ही यह उनके लिए अनिवार्य है. लेकिन परिषद की नोटिस पर राजभवन की ओर से विश्वविद्यालयों को सभी कोटि के कॉलेजों को एआईसीटीई से स्वीकृति लेने का आदेश जारी कर दिया गया है, इस वजह से अंगीभूत कॉलेजों के लिए स्वीकृति की अनिवार्यता हो गयी है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-15-naxalites-of-cpi-maoist-organization-surrendered/">चाईबासा: भाकपा माओवादी संगठन के 15 नक्सलियों ने एक साथ किया सरेंडर
क्या है एआईसीटीई के नोटिस में
एआईसीटीई की ओर से प्रकाशित नोटिस में लिखा गया है कि बीबीए, बीएमए, बीसीए, टाउन प्लानिंग, डिजाइन मैनेजमेंट, होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी आदि कोर्स के संचालन के लिए परिषद की स्वीकृति लेनी होगी. हालांकि परिषद के पदाधिकारी का कहना है कि अंगीभूत कॉलेजों अथवा स्टेट यूनिवर्सिटी के लिए इसकी बाध्यता नहीं है. इस तरह नोटिस और पदाधिकारी के बयान में फर्क है. इसे भी पढ़ें : गौरव">https://lagatar.in/after-gaurav-vallabh-congress-spokesperson-rohan-gupta-also-joined-bjp/">गौरववल्लभ के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता रहे रोहन गुप्ता भी भाजपा में शामिल हो गये
स्ववित्त पोषित होना भी एक कारण
अंगीभूत कॉलेज हों या सहायता प्राप्त सभी संस्थानों में सभी वोकेशनल कोर्स स्ववित्त पोषित (सेल्फ फाइनांसिंग) हैं. इन पाठ्यक्रमों का संचालन छात्रों की फीस से होने वाली आय एवं कॉलेजों को अपने आंतरिक स्त्रोत से करना पड़ता है. इसमें शिक्षकों की फीस भी शामिल होती है. ऐसे में स्वीकृति के लिए शुल्क जुटा पाना भी कॉलेजों के समक्ष एक समस्या है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-rats-gnaw-on-the-dead-body-kept-in-the-mortuary-in-mgm-hospital/">जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में चूहों ने शवगृह में रखे शव को कुतरा
आदेश है तो स्वीकृति लेनी ही है : कुलसचिव
कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ राजेंद्र भारती ने कहा कि एआईसीटीई ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. इसके साथ ही राजभवन ने भी आदेश जारी कर दिया है. ऐसे में राजभवन के आदेश को ध्यान में रखते हुए कॉलेजों को एआईसीटीई से स्वीकृति तो लेनी ही पड़ेगी. इसे भी पढ़ें : चैत्र">https://lagatar.in/third-day-of-navratri-worshiping-maa-chandraghanta-will-bring-opulence-and-prosperity/">चैत्रनवरात्रि : मां चंद्रघंटा की पूजा करने से ऐश्वर्य व समृद्धि की होगी प्राप्ति, माता को चढ़ायें दूध से बनी मिठाई का भोग
अब आगे का रास्ता ब्लॉक ही नजर आ रहा है : प्राचार्य
जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के प्राचार्य डॉ अमर सिंह ने कहा कि फिलहाल वोकेशनल कोर्स को लेकर आगे का रास्ता ब्लॉक ही नजर आ रहा है. राजभवन और विश्वविद्यालय के आदेश पर कॉलेज की ओर से स्वीकृति के लिए आवेदन करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन एक-दो स्टेप के बाद फार्म भवने की प्रक्रिया आगे बढ़ ही नहीं पा रही है. इस संबंध में विश्वविद्यालय, राजभवन और इस जोन के एआईसीटीई नोडल पदाधिकारी को लिख कर समस्या से अवगत कराया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : शुभम">https://lagatar.in/if-women-want-a-job-they-will-have-to-walk-14-km-in-four-hours/">शुभमसंदेश एक्सक्लूसिव : महिलाओं को नौकरी चाहिए तो चार घंटे में 14 किमी पैदल चलना होगा
कॉलेज परेशानी बतायें, ऑनलाइन समस्याओं का समाधान होगा : एआईसीटीई
एआईसीटीई के सदस्य सचिव प्रो राजन कुमार के हस्ताक्षर से संबंधित अधिसूचना जारी की गयी है. इस संबंध में दूरभाष पर उन्होंने बताया कि अंगीभूत या सरकारी कॉलेज, स्टेट यूनिवर्सिटी या सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए स्वीकृति लेने की बाध्यता नहीं है, लेकिन उन्हें कोर्स के संचालन में एआईसीटीई की गाइडलाइन का पालन करना होगा. गाइडलाइन वेबसाइट पर उपलब्ध है. लेकिन यदि राजभवन की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है, तब तो सभी कोटि के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों को इसका अनुपालन करना होगा. इसके साथ ही आवेकन करने में कॉलेजों को जो परेशानी हो रही है, एआईसीटीई को अवगत करायें, उनकी समस्याओं का ऑनलाइन समाधान किया जायेगा. इसे भी पढ़ें : रांची-टाटा">https://lagatar.in/police-caught-seven-trucks-carrying-illegal-coal-load-from-ranchi-tata-highway/">रांची-टाटाहाइवे से पुलिस ने अवैध कोयला लोड सात ट्रकों को पकड़ा [wpse_comments_template]
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