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जमशेदपुर : शिक्षक प्रोन्नति की औपबंधिक मास्टर वरीयता सूची में विसंगति

Jamshedpur (Anand Mishra) : जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को प्रोन्नति देने की प्रक्रिया जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय की ओर से शुरू की गई है. इसके लिए जिले में कार्यरत सभी शिक्षकों की औपबंधिक मास्टर वरीयता सूची का प्रकाशन किया गया है. अब इस सूची को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और इसमें अलग-अलग प्रकार की विसंगतियां बतायी जा रही हैं. झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक प्रोन्नति नियमावली 1993, विभागीय संकल्प संख्या 3027 संकल्प संख्या 1145 संकल्प संख्या 619( विधि) तथा संकल्प संख्या 936( विधि के प्रावधान के अनुरूप स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव द्वारा औपबंधिक वरीयता सूची का प्रकाशन जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा करने का आदेश दिया गया है. इसे भी पढ़ें : EXCLUSIVE">https://lagatar.in/exclusive-jagat-bandhu-tea-state-which-bought-the-land-occupied-by-the-army-transferred-crores-of-rupees-to-amit-agarwals-company/">EXCLUSIVE

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उपरोक्त संकल्पो में कंडिकावार किये गये उल्लेखों की चर्चा करते हुए संघ ने कहा है कि वर्ष 1993 नियमावली के अनुसार प्रत्येक वर्ष वरीयता सूची का प्रकाशन कर ,पद उपलब्धता की तिथि से अहर्ता रखने वाले शिक्षकों को ग्रेड 4 में एवं अन्य ग्रेडों में प्रोन्नति देना था. ससमय प्रोन्नति नहीं मिलने से शिक्षक आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक रूप से भी प्रताड़ित हो रहे हैं. जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा पिछले 30 मई को प्रकाशित औपबंधिक वरीयता सूची में कई विसंगतियां और उसे लेकर सघ को घोर आपत्ति है. उसे दूर किया जाना चाहिए. [wpse_comments_template]

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