Ashok kumar
Jamshedpur : बिष्टुपुर केनरा बैंक में छगनलाल दयालजी ज्वेलर्स के कर्मचारी से 14 फरवरी की सुबह 10.35 बजे 32 लाख रुपये की लूट मामले में दो माह के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है. इसके लिये कई टीम बनाकर झारखंड, बिहार, बंगाल और ओड़िशा में छापेमारी के लिये भेजा गया था, लेकिन पुलिस को सुराग तक हाथ नहीं लगे. 32 लाख की लूट की घटना के बाद बाइक सवार दो बदमाशों ने पुलिसवाला बनकर 10 लाख का सोना भी ठग लिया था. इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया था और उचित ईनाम देने की भी घोषणा की थी, लेकिन पुलिस इस मामले में भी सफलता से कोसों दूर है. घटना के बाद शहर के बैंकों में लगाये गये सीसीटीवी कैमरे की भी सूची बनायी गयी थी. एसएसपी की ओर से जो भी हो सका करने का काम किया गया, लेकिन दो माह के बाद भी नतीजा सिफर ही निकला. इसे भी पढ़ें : भारत">https://lagatar.in/million-people-in-india-are-living-the-life-of-modern-slavery-this-figure-is-the-largest-in-the-world/">भारतमें 80 लाख लोग Modern Slavery का जीवन गुजार रहे! दुनियाभर में यह आंकड़ा सबसे बड़ा
शहर के बदमाशों को भी टटोल चुकी है पुलिस
32 लाख की लूट के मामले में पुलिस को जब सफलता हाथ नहीं लगी, तब शहर के बदमाशों को टटोलना शुरू किया था. बावजूद पुलिस को किसी तरह का सुराग हाथ नहीं लगा. घटना के बाद पुलिस ने पुराने और नये कई शातिर बदमाशों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी. अंततः सभी को छोड़ दिया गया और पुलिस के हाथ खाली ही रह गये.व्यापारी भी आंदोलन से हटे पीछे
32 लाख रुपये की लूट के मामले में व्यापारियों ने शहर में आंदोलन करने की चेतावनी दी थी, लेकिन समय के साथ उनके आंदोलन पर भी परत जम गयी है. दो माह के बाद अब न तो कोई व्यापारियों की सुरक्षा की बात कर रहा है और न ही आंदोलन करने की ही चेतावनी दे रहे हैं.नशेड़ियों और जुआरियों के खिलाफ चलाया था अभियान
लूट की घटना के बाद एसएसपी डॉ. एम तमिल वाणन ने पूरे शहर में जुआरियों और नशेड़ियों के खिलाफ लगातार एक माह तक अभियान चलाया था. इस अभियान से भी पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगी. इस दौरान चौक-चौराहें पर अड्डेबाजी करने वालों पर नजर रखने का काम किया गया था. पकड़कर उन्हें थाने पर भी पुलिस लेकर गयी थी, लेकिन कुछ घंटे बाद सभी को छोड़ दिया गया. इसे भी पढ़ें : सरकारी">https://lagatar.in/6-crore-46-lakh-71-thousand-will-be-spent-on-repair-work-government-hospitals-administrative-approval-given-on-march-31/">सरकारीअस्पतालों के मरम्मत कार्य पर खर्च होंगे 6 करोड़ 46 लाख 71 हजार, 31 मार्च दी गयी प्रशासनिक स्वीकृति [wpdiscuz-feedback id="wiavttjnx2" question="Please leave a feedback on this" opened="1"][/wpdiscuz-feedback]

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