Jamshedpur: केंद्रीय कर्मचारी ट्रेड यूनियन (सीटू) के 53वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार को गोलमुरी कार्यालय में केंद्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष केके त्रिपाठी द्वारा सीटू का झंडा फहराने के बाद मजदूर वर्ग के संघर्ष के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई. इस मौके पर केके त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार श्रमिकों को कानूनी संरक्षण से बाहर करने के उद्देश्य से चार श्रम कोड लाई है. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-fir-registered-in-mgm-police-station-in-connection-with-fire-in-jk-tire-godown/">जमशेदपुर
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श्रमिकों की मजदूरी का हिस्सा लगातार घट रहा: सीटू
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वित्त पूंजी के निर्देशों के तहत केंद्र सरकार देश की संपत्ति के साथ देश की वित्तीय प्रणाली को कॉर्पोरेट के हाथों में हस्तांतरित करते जा रही है. कॉरपोरेट्स को कर्ज और टैक्स में भी राहत मिल रही है, परिणामस्वरूप उत्पादन और रोजगार सृजन में कोई सुधार नहीं होते हुए भी पूंजीपतियों का मुनाफा और शेयर बाजार बढ़ रहा है. इसके विपरीत श्रमिकों की मजदूरी का हिस्सा लगातार घट रहा है.आम जनता की आजीविका पर अभूतपूर्व हमला: त्रिपाठी
सीटू अध्यक्ष ने बढ़ती असमानता, बेरोजगारी, मूल्य वृद्धि जैसी ज्वलंत समस्याओं के कारण आम जनता अपने जीवन और आजीविका पर अभूतपूर्व हमले का सामना कर रही है. जब इन हमलों के खिलाफ मजदूर वर्ग, किसान और अन्य लोकतांत्रिक ताकतें विरोध और प्रतिरोध का रास्ता अपनाती हैं, तो कानून, प्रशासन और न्यायपालिका का उपयोग करके उन्हें सत्तावादी तरीके से दबाया जा रहा है. दूसरी तरफ, जिन लोगों के हक, हिस्सा और हित पर हमले हो रहे हैं, उनकी एकता में दरार डालने के लिये योजनाबद्ध तरीके से विभाजनकारी ताकतों को तैनात किया जा रहा है.मजदूर वर्ग के पास सभी हमलों से जूझने की गौरवशाली विरासत: बिश्वजीत देब
महासचिव बिश्वजीत देब ने कहा कि मजदूर वर्ग के पास इस तरह के सभी हमलों से जूझने की गौरवशाली विरासत है. जिन्होंने अतीत में अपने एकजुट संघर्ष के माध्यम से बहुत कुछ हासिल किया है. पिछले आधे दशक से अधिक समय से सीटू ने इस देश के मजदूर वर्ग की एकता की मुख्य धुरी होने के साथ-साथ विनाशकारी नीति और इसके निर्माताओं के खिलाफ फ्रंटलाइन सेनानी होने की अपनी साख स्थापित की है. इसे भी पढ़ें: ज्ञानवापी">https://lagatar.in/gyanvapi-case-muslim-side-kept-the-matter-debate-lasted-for-two-hours-next-hearing-now-on-4th-july/">ज्ञानवापीकेस : मुस्लिम पक्ष ने रखी बात, दो घंटे चली बहस, अगली सुनवाई अब 4 जुलाई को [wpse_comments_template]
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