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जमशेदपुर : तीन वर्षों में जमशेदपुर पूर्वी विस में विधायक निधि समेत 50 करोड़ से अधिक की सैकड़ों योजनाएं हुई पूरी

Jamshedpur (Sunil Pandey) :  जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में 50 करोड़ से ज्यादा लागत की सैकड़ों योजनाएं क्रियान्वित हुई. जिनमें विधायक निधि की 10 करोड़ की योजनाएं भी शामिल हैं. हालांकि चालू वितीय वर्ष (2022-23) की कई योजनाएं अभी प्रक्रियाधीन है. शनिवार को जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरया राय ने अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों एवं योजनाओं का लेखा-जोखा रखा. अपने बिष्टुपुर स्थित आवास पर मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए विधायक ने बताया कि 7 जनवरी 2020 को उन्होंने विधानसभा में शपथ ग्रहण किया था. विगत 3 वर्षों में इस क्षेत्र में विधायक निधि, नगर विकास विभाग की निधि से और टाटा स्टील की निधि से अनेकों काम हुए हैं जिनमें मुख्यतः पानी, बिजली, सडक, सफाई, पार्क आदि के काम शामिल हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-i-still-follow-the-ideology-of-rss-jana-sangh-and-bjp-sarayu-rai/">जमशेदपुर

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विगत 3 वर्षों में विधायक निधि से करीब 10 करोड़ की 156 योजनाएं लागू हुई हैं, जिनमें 4.50 करोड़ की 61 योजनाएं लागू हुई हैं. साथ ही 3.50 करोड़ की योजनाएं प्रक्रियाधीन हैं, जिनके अगले 31 मार्च 2023 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है. इसके अतिरिक्त विगत तीन वर्षों में नगर विकास विभाग की निधि से करीब 24 करोड़ की 175 योजनाएँ लागू हुई हैं. जिनमें 11.60 करोड़ की योजनाएं वर्ष 2022 में लागू हुई हैं. इसके अतिरिक्त वर्ष 2022 से नगर विकास विभाग की निधि से 8.25 करोड़ की योजनाएं अभी प्रक्रियाधीन हैं. विधायक सरयू राय ने बताया कि 15वें वित्त आयोग से वर्ष 2021 में 15.58 करोड़ का आवंटन जमशेदपुर पूर्वी के लिए मिला. जिसपर वर्ष 2022 में कार्य आरम्भ हुआ. इसके अलावे वर्ष 2022 में अनाबद्ध निधि से 62 लाख की एक योजना भी क्रियान्वित हो रही है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-attack-with-shovel-in-mukhiyadanga-case-registered/">जमशेदपुर

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मालिकाना, म्युनिसिपैलिटी और मोहरदा विरासत में मिला

विधायक सरयू राय ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र की तीन प्रमुख समस्याएं उन्हें विरासत में मिली. जिसमें मालिकाना हक, म्युनिसिपैलिटी एवं मोहरदा पेयजल आपूर्ति परियोजना शामिल हैं. तीनों के समाधान के लिए अपने कार्यकाल में वे तत्पर रहे. इसके लिए विधानसभा में सवाल उठाया. सरकार के स्तर पर पत्राचार किया. अधिकारियों के साथ बैठकें की. लेकिन इन तीनों का स्थायी हल नहीं निकल सका. हालांकि इस दिशा में उनका प्रयास निरंतर जारी है. उन्होंने कहा कि मालिकाना हक के बारे में सरकार अभी भी यही राग अलाप रही है कि हमने मालिकना की जगह लीज का विकल्प दे दिया है. पर लोग इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं. मात्र 3 व्यक्ति ही आगे आए हैं जबकि दावेदारों की संख्या सैकड़ों में है. उन्होंने कहा कि लीज देने का निर्णय केवल 10 डिसमिल जमीन तक ही सीमित है जो व्यवहारिक नहीं है. सुप्रीम कोर्ट एवं अन्य राज्यों का उदाहरण दिया. लेकिन सरकार लीज का ही राग अलाप रही है. इसी तरह मोहरदा जलापूर्ति परियोजना की खामियों को दूर करने के लिए जुस्को, जेएनएसी और नगर विकास विभाग के साथ एक दर्जन से अधिक बैठकें हुई. जिसमें कई खामियों को दूर किया गया. अब करीब 12000 लोगों ने पेयजल का कनेक्शन प्राप्त किया है. हालांकि अभी भी कई इलाकों में कनेक्शन देना बाकी है. उन्होंने कहा कि मोहरदा फेज-2 पर काम चल रहा है. इसे भी पढ़ें : बहरागोड़ा">https://lagatar.in/bahragora-jmm-workers-conference-cum-forest-feast-organized-in-purvanchal/">बहरागोड़ा

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संघाई बनाने वाले वैध म्युनिसिपैलिटी नहीं बनवा सके

म्युनिसिपैलिटी पर अपने विचार रखते हुए विधायक ने कहा कि जमशेदपुर में जेएनएसी की जगह एक वैध म्युनिसिपैलिटी नहीं बन पाने के पीछे भी अस्वस्थ एवं गैरजिम्मेदार मानसिकता की सोच है. इस मानसिकता और सोच के वशीभूत होकर 2005-06 में जमशेदपुर को संघाई बना देने की घोषणा हुई थी. नगर निगम बनने की पृष्ठभूमि में सर्वोच्च न्यायालय तक मुकदमेंबाजी, मुकदमेबाजी की पृष्ठभूमि में निष्क्रियता एवं तिकड़मबाजी तथा अस्थिर मानसिकता एवं अपरिपक्व कार्यप्रणाली के चलते गलत सूचना देकर मुकदमा वापस लेने का निर्णय इस मार्ग की सबसे बड़ी बाधा बन गया है. इस उलझन को सुलझाने में वर्तमान राज्य सरकार को पसीने छूट रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे सरकार पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं कि सरकर नगर निगम बनाए, औद्योगिक नगर बनाए या कोई और प्रबंध करे पर जनहित एवं जनभागिता का प्रावधान रखे. शहर के विकास के लिए टाउन प्लानर बहाल हो तथा ड्रेन आधारित विकास को धरातल पर उतारा जाय.उन्होंने सरकार से जमशेदपुर के समीपवर्ती निकायों को मिलाकर महानगरपालिका की स्थापना करने की मांग की. इसे भी पढ़ें : जलवायु">https://lagatar.in/increasing-water-crisis-for-african-elephants-due-to-climate-change-reduced-from-25-million-to-4-lakh/">जलवायु

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फ्लाईओवर पर आपत्तियों को सरकार ने माना

विधायक सरयू राय ने बताया कि मानगो-जमशेदपुर फ्लाइओवर के बारे में उनकी आपत्तियां सही साबित हुई हैं. आनन-फानन में योजना को मंजूरी देने एवं शिलान्यास किए जाने के बाद उनकी आपत्तियों पर डिजाइन में भारी फेरबदल हो रहा है. अब भुइयांडीह से टाटा पम्प हाउस तक एक फ्लाई ओवर बनाने पर काम हो रहा है. इसी तरह सोनारी-कांदरबेडा पथ को फोर लेना बनाने, लिट्टी चैक से एनएच-33 तक रुख एवं पुल बनाने तथा गोविन्दपुर-पीपला ऊपरी सड़क पथ का काम शुरू करने पर सरकार विचार कर रही है. जमशेदपुर पूर्वी में शिक्षा एवं स्वास्थ्य का स्तर सुधारने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है. टाटा स्टील के सहयोग से कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, बिजली का कनेक्शन एवं स्वच्छता पर तेजी से काम हो रहा है.प्रेस वार्ता में पार्टी के वरिष्ठ नेता राम नारायण शर्मा, महानगर अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, महिला जिलाध्यक्ष मंजू सिंह समेत काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-woman-absconded-with-1-25-lakh-from-the-shop-on-the-pretext-of-buying-utensils/">जमशेदपुर

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