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जमशेदपुर: पॉलिथीन का इस्‍तेमाल  बंद होगा तो एक जुलाई से 800 समूह करेंगे थैले का उत्पादन

Jamshedpur (Mujtaba Haider Rizvi) : एक जुलाई से शहर में 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाली पॉलिथीन पर पाबंदी के बाद जमशेदपुर के 800 स्वयं सहायता समूह ग्राहकों के लिये थैले का उत्पादन करेंगे. जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) इस योजना को धरातल पर लाने की कवायद में जुटी है. इसके लिये 70 स्वयं सहायता समूह कमर कस चुके हैं. इसे भी पढ़ें: मांडर">https://lagatar.in/mandar-assembly-by-election-four-thousand-jawans-will-take-command-security-system/">मांडर

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8000 महिलाओं को रोजगार मिलेगा

इनके साथ जेएनएसी की सिटी मैनेजर क्रिस्टीना कच्छप ने विशेष पदाधिकारी कृष्ण कुमार के निर्देश पर कई राउंड बैठक की है. बाकी स्वयं सहायता समूह को भी थैला उत्पादन के लिए तैयार किया जा रहा है. कई एरिया लेवल फेडरेशन से भी बातचीत चल रही है. इस तरह, पॉलिथीन बंद होने के बाद विभिन्न समूहों की लगभग 8000 महिलाओं को रोजगार मिलेगा.

इन बाजारों में खुलेंगे विक्रय केंद्र

स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद को जेएनएसी बाजार भी उपलब्ध कराएगा. इसके लिये साकची, बारीडीह, सिदगोड़ा, बर्मामाइंस, कदमा, सोनारी और बिष्टुपुर बाजार में एक-एक थैला विक्रय केंद्र बनाया जाएगा. इस विक्रय केंद्र के जरिए स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपना थैला बेचेंगी. ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि बाजार में सामान लेने पहुंचे ग्राहकों को वहीं थैला मिल जाए और उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं हो. क्योंकि अक्सर पहले ग्राहक घर से थैला लेकर ही बाजार जाते थे. लेकिन जब से पॉलिथीन का प्रचलन हुआ है. थैला लेकर बाजार जाने की आदत छूट गई है. जब ग्राहकों को बाजार में आसानी से थैला मिल जाएगा. तो उन्हें परेशानी नहीं होगी. जेएनएसी को भी पॉलिथीन का इस्तेमाल रोकने में मदद मिलेगी.

विक्रय केंद्रों से दुकानदार भी खरीद सकते हैं थैला

जमशेदपुर की बाजारों में स्थापित होने वाले विक्रय केंद्रों से दुकानदार भी थैला खरीद सकते हैं. ऐसा होने से ग्राहकों को आसानी हो जाएगी और उन्हें उसी दुकान से थैला मिल जाएगा जहां से उन्होंने सामान लिया है.

थैला का रेट कम रखने की कवायद

सिटी मैनेजर क्रिस्टीना कच्छप की कोशिश है कि थैले का रेट तुलनात्मक रूप से कम हो. इससे ग्राहकों को सहूलियत होगी और उन पर ज्यादा आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा. अभी यह कोशिश चल रही है कि थैले का रेट 10 रुपये के आसपास रखा जाए. इसके लिये कवायद चल रही है. स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ भी मंथन हो रहा है. इसे भी पढ़ें: AK-47">https://lagatar.in/ak-47-seizure-case-bahubali-mla-anant-singh-sentenced-to-10-years-may-go-to-legislature/">AK-47

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