Jamshedpur (Anand Mishra) : जमशेदपुर के गम्हरिया स्थित अरका जैन विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की ओर से "अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस" के उपलक्ष्य में "शक्ति द सेलिब्रेशन ऑफ वूमेन पावर" नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसका विषय "जागरूकता" था, जो मासिक धर्म और सेनेटरी नैपकिन के बारे में था. "यह पहल न केवल महिलाओं को मनाने के लिए थी, बल्कि पूरे समुदाय को सोचने, कार्य करने और लिंग समावेशी होने के लिए प्रेरित करने के लिए भी थी. अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की. अतिथियों को डीन, छात्रों के कल्याण, डॉ अंगद तिवारी ने पौधे भेंट कर सम्मानित किया. कुलपति, डॉ एसएस रजी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला. मुख्य अतिथि निश्चे फाउंडेशन के संस्थापक तरुण कुमार ने मासिक धर्म और सेनेटरी नैपकिन के बारे में जागरूकता के स्तर के बारे में बताया. आकाश महतो, स्टेट हेड झारखंड, ग्रीन पेंसिल फाउंडेशन, गेस्ट ऑफ ऑनर थे. उन्होंने महिलाओं के सामने दिन -प्रतिदिन की चुनौतियों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला और बताया कि महिलाएं उन्हें कैसे संभालने का प्रबंधन करती हैं. इसे भी पढ़ें : मस्जिद">https://lagatar.in/he-will-be-found-in-the-mosque-he-will-be-found-in-the-temple-hindus-is-god-muslims-is-god/">मस्जिद
में वो मिलेगा, मंदिर में वो मिलेगा… हिंदू का है वो ईश्वर, मुस्लिम का है वो खुदा…
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alt="" width="600" height="307" /> यूनिवर्सिटी के निदेशक अमित श्रीवास्तव ने कहा कि "एक समाज केवल तभी विकसित हो सकता है जब महिलाओं को न केवल सम्मानित किया जाता है, बल्कि उन्हें समान अधिकार दिए जाते हैं". आंतरिक शिकायत समिति के पीठासीन अधिकारी डॉ चारू वधवा ने कहा कि "यह घर में माताओं की उपस्थिति है जो इसे घर से घर में परिवर्तन करती है. एक महिला, जो एक बच्चे को जन्म और जीवन देने का सबसे महत्वपूर्ण कार्य कर सकती है. कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा. छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किये. इसमें "मासिक धर्म और सेनेटरी नैपकिन के बारे में जागरूकता" विषय पर नृत्य आदि शामिल था. महिला संकाय और कर्मचारियों के लिए दिलचस्प खेल और प्रश्नोत्तरी केक पर आइसिंग थी. महिला छात्र सदस्यों, ने विभिन्न प्रतिस्पर्धी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इसमें विजेताओं को पुस्कृत किया गया. कार्यक्रम का समापन महिला संकाय, स्टाफ सदस्यों और हाउसकीपिंग स्टाफ के मुख्य अतिथि ने किया. [wpse_comments_template]
में वो मिलेगा, मंदिर में वो मिलेगा… हिंदू का है वो ईश्वर, मुस्लिम का है वो खुदा…
alt="" width="600" height="307" /> यूनिवर्सिटी के निदेशक अमित श्रीवास्तव ने कहा कि "एक समाज केवल तभी विकसित हो सकता है जब महिलाओं को न केवल सम्मानित किया जाता है, बल्कि उन्हें समान अधिकार दिए जाते हैं". आंतरिक शिकायत समिति के पीठासीन अधिकारी डॉ चारू वधवा ने कहा कि "यह घर में माताओं की उपस्थिति है जो इसे घर से घर में परिवर्तन करती है. एक महिला, जो एक बच्चे को जन्म और जीवन देने का सबसे महत्वपूर्ण कार्य कर सकती है. कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा. छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किये. इसमें "मासिक धर्म और सेनेटरी नैपकिन के बारे में जागरूकता" विषय पर नृत्य आदि शामिल था. महिला संकाय और कर्मचारियों के लिए दिलचस्प खेल और प्रश्नोत्तरी केक पर आइसिंग थी. महिला छात्र सदस्यों, ने विभिन्न प्रतिस्पर्धी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इसमें विजेताओं को पुस्कृत किया गया. कार्यक्रम का समापन महिला संकाय, स्टाफ सदस्यों और हाउसकीपिंग स्टाफ के मुख्य अतिथि ने किया. [wpse_comments_template]
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