Search

जमशेदपुर : वीमेंस यूनिवर्सिटी में पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट-जेडब्ल्यूआरईटी के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल

Jamshedpur (Anand Mishra) : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी ने छात्राओं के हित में शैक्षणिक सत्र-2023 के लिए पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट में आवेदन की तिथि बढ़ाई है. विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो (डॉ) अंजिला गुप्ता का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक छात्राएं शोध कार्य से जुड़े. अब बड़ी संख्या में स्नात्तकोत्तर छात्राएं यूनिवर्सिटी की प्रथम जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट - जेडब्ल्यूआरईटी 2023 में शामिल हो पाएंगीं. विदित हो कि जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी द्वाराकी ओर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की नियमावली के अनुसार तय मानकों का अनुपालन करते हुए योग्यताधारी छात्राओं एवं प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए इच्छुक महिला उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया है, जिसकी अंतिम तिथि 6 अप्रैल 2023 थी. इसे बढाकर आगामी 20 अप्रैल तक कर दिया गया है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-demonstration-of-kudmi-samaj-begins-at-kotshila-station/">जमशेदपुर

: कुड़मी समाज का कोटशिला स्टेशन पर प्रदर्शन शुरू
ऑनलाइन आवेदन करने की प्रारंभिक तिथि 8 मार्च 2023 थी. विश्वविद्यालय में अलग-अलग स्नातकोत्तर विभागों– अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, हिंदी, गृह विज्ञान, संगीत, उड़िया, राजनीति विज्ञान, उर्दू, वाणिज्य, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषय के अंतर्गत पीएचडी में पंजीकरण के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है. यूजीसी नेट / जेआरएफ उत्तीर्ण छात्राएं भी आवेदन पत्र भरेंगी हालांकि उन्हें प्रवेश परीक्षा की जगह सीधे साक्षात्कार में शामिल होने का मौका दिया जाएगा. परिणाम से लेकर साक्षात्कार तक एवं अन्य विस्तृत सूचना यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है. इसे भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-cs-reached-topchanchi-chc-at-11-30-pm-doctor-not-found-home-guard-was-sleeping-in-the-room/">धनबाद

: रात 11.30 बजे तोपचांची सीएचसी पहुंचे सीएस, नहीं मिले डॉक्टर, कमरे में सो रहे थे होमगार्ड
बता दें कि यूनिवर्सिटी ने विद्वत परिषद् की स्थाई समिति की प्रथम बैठक में हीं पीएचडी से सम्बंधित समिति का गठन कर नियमावली बनाने और जेडब्ल्यूआरईटी 2023 संचालित करने के लिए आवश्यक शर्तों को पूरा करने का प्रस्ताव पारित किया था. अभिषद ने अपने प्रथम बैठक में ही इस पर मुहर लगाई थी. यूनिवर्सिटी के कार्यान्वित होने के बाद इतनी जल्दी पीएचडी शुरू होना वास्तव में एक बड़ी उपलब्धि है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp