Jamshedpur (Mujtaba Haider Rizvi): स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता जुगसलाई रेलवे ओवरब्रिज पर मेहरबान हैं. दो बार इस प्रोजेक्ट का निरीक्षण कर चुके हैं. प्रोजेक्ट की लागत बढ़ाने की फाइल रांची में फंसी तो हाईप्रोफाइल मीटिंग होने जा रही है. दूसरी तरफ बागबेड़ा जलापूर्ति योजना में दो साल से काम ठप है. मगर, स्वास्थ्य मंत्री ने इधर ध्यान नहीं दिया. सरकार के इधर ध्यान नहीं देने की वजह से बागबेड़ा जलापूर्ति योजना का कबाड़ा हो गया है. इसी के साथ शुरू हुई छोटा गोविंदपुर योजना कब की पूरी हो गई, मगर बागबेड़ा जलापूर्ति योजना अभी भी लटकी हुई है. इसे भी पढ़ें: चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-range-game-kolhan-competition-started-chaibasa-beat-ctc-musabani-by-one-goal-in-football/">चाईबासा
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स्वास्थ्य मंत्री सुधि लेते तो नैया पार हो गई होती: सुबोध झा
बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा का कहना है कि बागबेड़ा में कई साल से जल संकट है. गर्मी में हाहाकार मचता है. सरकार के मंत्री होने के नाते स्वास्थ्य मंत्री अगर बागबेड़ा जलापूर्ति योजना की भी सुधि लेते तो अब तक बागबेड़ा के लोगों की नैया पार हो गई होती.जलापूर्ति योजना में हुए काम की हो जांच
जलापूर्ति योजना में अब तक जितना काम हुआ है इसकी जांच की मांग उठ रही है. आरोप लगाए जा रहे हैं कि योजना में जितना फंड जारी हुआ है उतना काम अभी तक नहीं हुआ है. इसलिए, इसकी जांच हो और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए. इस योजना का शिलान्यास साल 2015 में हुआ था. योजना को तीन साल में पूरा हो जाना था. मगर, योजना कार्यकारी एजेंसी व अफसरों की लापरवाही और सियासत के पेच में फंस गई. बागबेड़ा के रहने वाले समाजसेवा चंदन कुमार कहते हैं कि स्वास्थ्य मंत्री को चाहिए था कि बागबेड़ा जलापूर्ति योजना पर भी हाईलेवल मीटिंग कराते. इसे भी पढ़ें: पूजा">https://lagatar.in/pooja-singhal-also-likes-gir-cows-milk-milk-used-to-go-daily-from-bauk-veterinary-dairy-farm/">पूजासिंघल को भी पसंद है गिर गाय का दूध, बीएयू के वेटनरी डेयरी फार्म से प्रतिदिन जाता था दूध [wpse_comments_template]
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