Himangshu karan
Baharagora: बहरागोड़ा प्रखंड के पाटपुर, साकरा, लाउडोंका, मानुषमुड़िया, दिगबर्दा, जयपुरा और कुमारडुबी सहित ग्रामीण इलाकों में आस्था और उत्सव के अनूठे संगम के साथ महाप्रभु श्री जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा धूमधाम से निकली. तड़के सुबह से ही विभिन्न मंदिरों में पुजारियों द्वारा वैदिक रीति-रिवाज से त्रिमूर्ति विग्रहों का पवित्र स्नान, तर्पण और चंदन लेपन कर मनमोहक श्रृंगार किया गया.

जिसके बाद गगनभेदी शंखध्वनि, घड़ियाल और स्थानीय कीर्तन मंडलियों की भक्ति धुनों के बीच श्रद्धालुओं ने भारी उत्साह के साथ महाप्रभु के रथों की डोर खींची. लाउडोंका से आडंग गांव और पाटपुर से उईनाला कालीबाड़ी स्थित गुंडिचा मंदिर (मौसीबाड़ी) तक चली इस भव्य यात्रा के दौरान पूरा मार्ग श्रद्धालुओं से पट गया.
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जहां महिलाओं ने पारंपारिक तरीके से शंख बजाकर रथ खींच रहे भक्तों का हौसला बढ़ाया. अब अगले नौ दिनों तक मौसी के घर विराजमान भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को रोजाना विशेष पीठा, खीर व स्वादिष्ट पकवानों का महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा, जिसके समापन पर 'बहुड़ा यात्रा' (उल्टा रथ) के जरिए भगवान अपने मूल श्री मंदिर में वापस लौटेंगे.
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