इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और मजदूर वर्ग पर पड़ेगा, जो हर दिन आने-जाने के लिए ऑटो पर निर्भर रहते हैं. अगर कोई यात्री दिन में दो बार ऑटो से सफर करता है, तो उसे पहले की तुलना में रोज लगभग 10 रुपये अधिक खर्च करने होंगे. पूरे महीने में यह अतिरिक्त खर्च करीब 300 रुपये तक पहुंच सकता है.
शहर के लगभग सभी प्रमुख रूटों पर नया किराया लागू किया गया है. साकची से मानगो, टेल्को, बर्मामाइंस, कदमा, सोनारी, गोलमुरी, आदित्यपुर और टाटानगर रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख मार्गों पर किराए में 5 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. जिन रूटों पर पहले 10 से 20 रुपये तक किराया लगता था, वहां अब 15 से 25 रुपये तक देना होगा. लंबी दूरी वाले रूटों पर भी इसी तरह 5 रुपये अतिरिक्त किराया लिया जाएगा.
ऑटो चालक संघ का कहना है कि पिछले कई वर्षों से किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया था, जबकि ईंधन, वाहन मरम्मत और अन्य संचालन खर्च लगातार बढ़ते रहे हैं. ऐसे में बढ़ी हुई लागत के बीच पुराने किराए पर संचालन करना मुश्किल हो गया था.
वहीं, यात्रियों ने इस फैसले पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि पहले से ही महंगाई का असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है और अब ऑटो किराया बढ़ने से रोजमर्रा के खर्च में और इजाफा होगा. हालांकि नई किराया दरों को पूरी तरह लागू करने के लिए प्रशासन की अंतिम स्वीकृति भी जरूरी होगी.
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