Jamshedpur News : मानगो के डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार को मरीजों की संख्या बढ़ने से व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया. इमरजेंसी में बेड के साथ स्ट्रेचर भी कम पड़ गए. इस वजह से कुछ मरीजों को बेंच पर लिटाकर इलाज करना पड़ा. इसी दौरान चाईबासा सदर अस्पताल से रेफर होकर आई तांतनगर की एक गंभीर महिला को करीब 10 मिनट तक एंबुलेंस में ही इंतजार करना पड़ा.
ऑक्सीजन के सहारे पहुंची थी महिला
तांतनगर की बुधना करूवा समेत तीन मरीज मंगलवार शाम करीब 5.20 बजे एमजीएम अस्पताल पहुंचे थे. बुधना करूवा की हालत गंभीर थी. उसे ऑक्सीजन लगाकर एंबुलेंस से एमजीएम लाया गया था. अस्पताल पहुंचने के बाद भी तत्काल स्ट्रेचर नहीं मिल सका. महिला को करीब 10 मिनट तक एंबुलेंस में ही रखा गया. गर्मी से महिला परेशान थी. इस दौरान उसके परिजन गमछे से हवा करते नजर आए.
डार्क रूम से निकालने पड़े स्ट्रेचर
स्ट्रेचर की कमी की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत व्यवस्था शुरू की. वार्ड ब्वॉय को डार्क रूम भेजा गया. वहां रखे तीन स्ट्रेचर बाहर निकाले गए. इसके बाद मरीजों को स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया और उनका इलाज शुरू किया गया.
पहले भी सामने आ चुकी है स्ट्रेचर की समस्या
एमजीएम अस्पताल की इमरजेंसी में स्ट्रेचर की कमी का मामला पहले भी सामने आ चुका है. बीते शनिवार को एक मरीज को करीब 40 मिनट तक स्ट्रेचर नहीं मिला था. परिजनों के अनुसार, इस दौरान इलाज में देरी हुई और मरीज की मौत हो गई. इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया था. अब कुछ ही दिनों बाद फिर स्ट्रेचर कम पड़ने की घटना सामने आई है. इससे एमजीएम अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. हालांकि, मंगलवार को सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने अतिरिक्त स्ट्रेचर उपलब्ध कराकर स्थिति संभाल ली.

