जानकारी के अनुसार, अस्पताल परिसर से एक बाइक चोरी होने के बाद एमजीएम थाना की पुलिस जांच के लिए पहुंची. जांच के दौरान पुलिस ने इमरजेंसी वार्ड के पास लगाए गए बैरिकेड और अन्य अवरोधकों को हटवा दिया. इस कार्रवाई पर ड्यूटी में तैनात गृह रक्षकों ने नाराजगी जताई. उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन के निर्देश पर ही पार्किंग और यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए बैरिकेड लगाए गए थे.
गृह रक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि जांच के दौरान उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए. इस संबंध में गार्ड प्रभारी ने अस्पताल अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि अस्पताल परिसर के अंदर सुरक्षा व्यवस्था संभालना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन बाहरी क्षेत्रों में होने वाली घटनाओं के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए.
वहीं, पुलिस का कहना है कि इमरजेंसी विभाग के पास लगाए गए अवरोधों की वजह से मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी. लोगों की शिकायत मिलने के बाद रास्ता साफ कराया गया ताकि आपात स्थिति में किसी तरह की दिक्कत न हो.
विवाद बढ़ने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, अस्पताल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई. बैठक में सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई. अधिकारियों ने कहा कि ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी जिससे मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो और अस्पताल की सुरक्षा भी मजबूत बनी रहे.
इसी बीच अस्पताल परिसर से एक और बाइक चोरी होने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए पूरे मामले की जांच जारी है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर विचार किया जा रहा है.
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