Jamshedpur : जमशेदपुर के टाटा स्टील में कर्मचारियों के वेज रिवीजन को लेकर प्रबंधन व यूनियन के बीच चल रही बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है. मंगलवार को हुई लंबी बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई. इससे वेज रिवीजन समझौते को लेकर गतिरोध और बढ़ गया है.
सूत्रों के मुताबिक, सबसे बड़ा विवाद मिनिमम गारंटीड बेनिफिट (एमजीबी) की दर को लेकर सामने आया. प्रबंधन ने 7.5 प्रतिशत एमजीबी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा, लेकिन यूनियन ने इसे अपर्याप्त बताते हुए अधिक की मांग की. यूनियन का कहना है कि वह अपने रुख में कुछ लचीलापन दिखा सकती है, लेकिन कर्मचारियों के हितों से समझौता नहीं किया जा सकता.
मंगलवार को वार्ता दो चरणों में हुई. पहली बैठक सुबह से दोपहर तक चली, जबकि दूसरी बैठक शाम तक जारी रही. कई घंटों तक चली चर्चा के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका. इस दौरान कुछ मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई.
प्रबंधन का तर्क था कि केवल प्रतिशत के आधार पर तुलना करना उचित नहीं है. कंपनी का कहना है कि मौजूदा वेतन संरचना को देखते हुए प्रस्तावित बढ़ोतरी से कर्मचारियों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा. वहीं यूनियन ने कर्मचारियों की अपेक्षाओं के अनुरूप बेहतर प्रस्ताव की मांग दोहराई.
गतिरोध को खत्म करने के लिए बुधवार को फिर से एक अहम बैठक बुलाई गई है. दोनों पक्षों को उम्मीद है कि बातचीत के अगले दौर में कोई रास्ता निकल सकता है. जानकारी के अनुसार, महीने के अंतिम सप्ताह में कंपनी के शीर्ष अधिकारी भी इस मामले में हस्तक्षेप कर सकते हैं, जिससे समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति संभव है.
वेज रिवीजन समझौते का इंतजार कर रहे टाटा स्टील के हजारों कर्मचारियों की नजर अब आगामी वार्ता पर टिकी हुई है. आने वाले दिनों में होने वाली बातचीत से ही यह तय होगा कि वेतन समझौते पर सहमति बनती है या नहीं.
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