Search

जमशेदपुर : 73 वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में केवल प्रयोग किए गए, नई शिक्षा नीति विकास के नए द्वार खोलेगी- रमेश बैस

Jamshedpur (Dharmendra Kumar): झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि 73 वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में केवल प्रयोग किए गए, नई शिक्षा नीति 2020 राष्ट्र निर्माण के साथ विकास के नए द्वार खोलेगी. राज्यपाल आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलाजी (आरवीएससीइटी) में शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आयोजित कॉन्क्लेव में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा की संविधान निर्माताओं ने संविधान  में लिखा हिंदी राष्ट्र भाषा होगी, कामकाज का माध्यम अंग्रेजी होगा. लेकिन 73 वर्षों के बाद भी हिंदी राष्ट्र भाषा नहीं बल्कि राज्य भाषा बन कर रह गई है. सबसे पहले अपनी राष्ट्रभाषा को सीखने की आवश्यकता है. हम पहले अपनी राष्ट्रभाषा हिंदी को जाने उसके बाद विदेश की अन्य भाषाओं को भी सीखें. गरीब का बच्चा पब्लिक स्कूलों में नहीं पढ़ पाता है और सरकारी विद्यालय में अच्छी पढ़ाई नहीं हो पा रही है. इसे भी पढ़ें: रांची:">https://lagatar.in/ranchi-relief-to-cm-hemant-soren-from-high-court-stay-on-the-order-of-mp-mla-court/">रांची:

CM हेमंत सोरेन को हाईकोर्ट से राहत, MP-MLA कोर्ट के आदेश पर रोक

नई शिक्षा नीति में ड्राप आउट बच्चों को अपनी पढ़ाई पूरी करने की आजादी

रमेश बैस कहा कि वर्तमान शिक्षा पद्धति में ज्ञान का महत्व नहीं बल्कि डिग्री का महत्व है. जिससे बच्चे डिग्री तो हासिल कर लेते हैं लेकिन उन्हें समुचित ज्ञान प्राप्त नहीं हो पाता है. आज जरूरत डिग्री की नहीं अपितु ज्ञान की है. नई शिक्षा नीति में आप अपना विषय आवश्यकतानुसार बदल सकते हैं. जो विषय आप नहीं पढ़ना चाहते हैं उसके बदले दूसरा विषय पढ़कर अपने ज्ञान को बढ़ा सकते हैं. नई शिक्षा नीति में ड्राप आउट बच्चों को अपनी पढ़ाई पूरी करने की आजादी है. किसी परिस्थिति के कारण यदि कोई विद्यार्थी बीच में पढ़ाई छोड़ देता है तो वह स्थिति सुधरने पर पुन: अपनी पढ़ाई को वहीं से जारी कर सकता है.

नई शिक्षा नीति से समाज में समानता आएगी

राज्‍यपाल  ने कहा कि नई शिक्षा नीति से समाज में समानता आएगी. इसी सोच के साथ विद्वानों द्वारा नई शिक्षा नीति 2020 बनाई गई है. उन्होंने कहा कि झारखंड में नई शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के लिये सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिया गया है. प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू करने के प्रयास किए जा रहे है. इससे पूर्व सरला बिरला विश्वविद्यालय के कुलपति गोपाल पाठक ने कहा कि नई शिक्षा नीति में इनेवेशन, क्रिएटिवीटी, रिसर्च को बढावा दिया गया है. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को लागू करने की जिम्मेवारी शिक्षाविदों की है.

इन्‍होंने भी किया संबोधित

[caption id="attachment_352230" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/08july2a.jpg"

alt="" width="600" height="270" /> राज्‍यपाल रमेश बैस को स्‍मृति चिन्‍ह प्रदान करते कॉलेज के चेयरमैन बिंदा सिंह एवं सचिव भरत सिंह.[/caption] झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलाजी के कुलपति विजय पांडे, शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय के कुलपति पी के नंदा ने भी अपने विचार रखे. सबसे पहले कॉलेज के चेयरमैन बिंदा सिंह ने राज्यपाल रमेश बैस का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया. राज्यपाल रमेश बैस ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. अतिथियों का स्वागत कॉलेज के सचिव भरत सिंह ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन कॉलेज के प्राचार्य राजेश कुमार तिवारी किया. कॉलेज के चेयरमैन बिंदा सिंह ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह प्रदान किया. इसे भी पढ़ें: हर">https://lagatar.in/by-all-means-protect-water-forest-and-land-bishop-felix-toppo/">हर

हाल में हो जल, जंगल और जमीन की रक्षा – बिशप फेलिक्स टोप्पो
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp