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Jamshedpur : जाति प्रमाण पत्र को लेकर पूर्णिमा साहू ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, पूर्व व्यवस्था लागू करने की मांग की

जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू की फाइल फोटो.

Vishwajeet Bhatt

Jamshedpur : अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के विभिन्न समुदायों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने में हो रही कठिनाइयों के समाधान की मांग को लेकर जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की विधायक पूर्णिमा साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. गुरुवार को लिखे पत्र में विधायक पूर्णिमा साहू ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया है कि पासी समाज, कालिंदी समाज, दुसाध समाज, शौणिडक (सुढ़ी) समाज, बाउरी समाज, केंद्रीय मुखी समाज, तेली साहू समाज, तुरी समाज सहित अनेक समुदायों के लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें जाति प्रमाण पत्र बनवाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

राज्य के मूलवासी होने के बावजूद अधिकांशतः भूमिहीन

पत्र में विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि ये समुदाय कई पीढ़ियों से झारखंड में निवासरत हैं और राज्य के मूलवासी होने के बावजूद अधिकांशतः भूमिहीन हैं. वर्तमान व्यवस्था के अनुसार प्रमाण पत्र बनवाने के लिए खतियान की अनिवार्यता ने हजारों लोगों को उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित कर दिया है. इसके कारण इन समाजों के बच्चे न केवल शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला व छात्रवृत्ति से वंचित हो रहे हैं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों में आरक्षण सहित अनेक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं ले पा रहे हैं.

टाटा लीज क्षेत्र के हजारों परिवारों के पास खतियान नहीं

विधायक पूर्णिमा साहू ने पत्र में उल्लेख किया कि पूर्ववर्ती वर्षों में स्थानीय मुखिया या समाज के पंजीकृत प्रतिनिधियों की अनुशंसा पत्र एवं स्थानीय जांच के आधार पर जाति प्रमाण पत्र निर्गत होते रहे हैं, लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था बाधित हो गई है. विशेष रूप से टाटा लीज क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवारों के पास खतियान उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण वे जाति प्रमाण पत्र से वंचित हैं.

समुदायों के भविष्य को संकट में डाल रही ये स्थिति

उन्होंने कहा कि यह स्थिति कई समुदायों के भविष्य को संकट में डाल रही है, जिससे सामाजिक असंतोष और निराशा भी उत्पन्न हो रही है. इस पत्र में पूर्णिमा साहू ने पासी समाज, कालिंदी समिति, दुसाध समिति, शौणिडक (सुढ़ी) समाज, बाउरी समाज, केंद्रीय मुखी समाज, तेली साहू समाज एवं तुरी समाज से प्राप्त पत्रों की प्रतिलिपि भी मुख्यमंत्री को भेजी है. पूर्णिमा साहू ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पूर्ववर्ती व्यवस्था को पुनः लागू करने हेतु संबंधित विभागों को यथाशीघ्र आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं, ताकि जिन मूलवासी परिवारों के पास खतियान उपलब्ध नहीं है, उन्हें भी स्थानीय जांच एवं अनुशंसा के आधार पर जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जा सके.

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