Ashok kumar
Jamshedpur : टाटानगर रेलवे स्टेशन के कचरे को स्टेशन से दूर फेंकने का आदेश दिया गया है, लेकिन रेलवे ठेकेदार की ओर से स्टेशन के ठीक बाहर सड़क किनारे ही फेंकने का काम किया जा रहा है. यह काम पिछले डेढ़ दशक से बदस्तूर जारी है. इसका विरोध स्थानीय लोग और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी बराबर करते रहे हैं, लेकिन रेल के वरीय अधिकारियों और रेलवे ठेकेदार पर बिल्कुल ही प्रभाव नहीं पड़ता है. पिछले डेड़ दशक से स्टेशन के भीतर के कचरे को सड़क किनारे फेंके जाने से जहां सड़क से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी होती है, वहीं अब इसकी बदबू स्टेशन तक पहुंचने लगी है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर:">https://lagatar.in/adityapur-family-suspects-eccentric-lover-in-murder-of-girl-by-slitting-her-throat/">आदित्यपुर:युवती की गला रेतकर हत्या में परिजनों को सनकी प्रेमी पर शक
स्टेशन पार्किंग के बगल में है कचरे का ढेर
टाटानगर रेलवे स्टेशन के ठीक बगल में ही रेलवे की ओर से पार्किंग स्टैंड बनाया गया है. स्टैंड से ठीक सटे हुये ही मुख्य सड़क है और सड़क के ठीक किनारे ही स्टेशन के भीतर के कचरे को फेका जाता है. जहां पर कचरा फेकने का काम किया जाता है उसके ठीक बगल में ही रेलवे की ओर से क्वार्टरों का निर्माण भी कराया गया है. यहां पर रेल कर्मचारी भी भी रहते हैं. कचरे के कारण उन्हें खासा परेशानी होती है. रेल कर्मचारी भी इसकी शिकायत बराबर करते रहते हैं, लेकिन उनकी कोई सुनता ही नहीं है. [caption id="attachment_289998" align="aligncenter" width="509"]alt="" width="509" height="339" /> कचरे वाले स्थान के ठीक सामने टाटानगर रेलवे स्टेशन.[/caption] [caption id="attachment_290008" align="aligncenter" width="300"]
alt="" width="300" height="200" /> मेंस कांग्रेस के नेता शशि मिश्रा.[/caption]
मेंस कांग्रेस ने कहा हेल्थ से खिलवाड़ ठीक नहीं, ठीक से हो मॉनिटरिंग
मेंस कांग्रेस के नेता शशि मिश्रा का कहना है कि स्टेशन के कचरे को फेंकना हेल्थ से जुड़ा हुआ मामला है. इसकी मॉनिटरिंग ठीक से होनी चाहिए. कभी कीताडीह तालाब के पास कचरा फेंका गया था. इस बीच वाशिंग लाइन के आगे वाले गड्ढ़े में भी कचरा फेंकने का काम किया गया था. कुछ माह केंद्रीय विद्यालय के सामने वाले गड्ढ़ें में भी फेका गया था. इसके लिये विभाग की ओर से प्लानिंग के तहत कार्य होनी चाहिए. डिस्पोजल प्लांट भी बनाने की आवश्यकता है. कचरे को नष्ट किये जाने की जरूरत है. जहां-जहां कचरा फेकना स्वास्थ्य के लिये बेहद हानिकारक है.alt="" width="512" height="341" />
क्या कहते हैं चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम मनीष पाठक
पूरे मामले में चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम मनीष पाठक ने बताया कि रेलवे की ओर से जहां पर कचरा फेंके जाने के लिये कहा गया है ठीक उसी स्थान पर फेंकना चाहिये. अगर ऐसा नहीं किया जा रहा है इसकी जांच कराने के बाद आगे की पहल की जायेगी. कचरा वैसे स्थान पर ही फेंकने की जरूरत है जहां पर किसी को समस्या नहीं आये. [caption id="attachment_289999" align="aligncenter" width="515"]alt="" width="515" height="343" /> चहारदीवारी के भीतर और बाहर गंदगी का अंबार.[/caption]
टाटानगर स्टेशन के अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं
टाटानगर रेलवे स्टेशन के रेल अधिकारियों को कचरा फेंकने संबंधी किसी तरह की जानकारी ही नहीं है. इस संबंध में मेडिकल से जुड़े डॉ. बी टोपनो से संपर्क करने पर उनका कहना था कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि कचरा कहां फेकना है. उन्होंने स्टेशन डायरेक्टर से बात करने की बात कहकर पल्ला झाड़ दिया. वहीं डायरेक्टर का कहना था अगर सड़क किनारे गंदगी फेंके जा रहे हैं तो सरासर गलत है. गंदगी को कहां फेंकना है इसकी विभागीय जानकारी डायरेक्टर को भी नहीं है. वहीं रेलवे के हेल्थ इंसपेक्टर एसके दत्ता से संपर्क करने पर उनका साफ कहना था कि उनका जिम्मा स्टेशन का नहीं है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-the-stuck-screw-of-the-third-line-from-adityapur-to-jhargram-cleared/">जमशेदपुर:आदित्यपुर से झाड़ग्राम तक थर्ड लाइन का फंसा पेंच हुआ क्लियर [wpdiscuz-feedback id="c72ihcv0pr" question="Please leave a feedback on this" opened="1"][/wpdiscuz-feedback]
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