: अब परसुडीह में चिटफंड घोटाला
आदिवासियों के ईश्वर के हेमंत ने बेचा
गिरिडीह में 18 जनवरी को हेमंत सोरेन ने कहा था कि पारसनाथ मरांग बुरू हमारा था और हमेशा रहेगा. यह उनकी ख़तियानी झुनझुना की तरह और एक झुनझुना और बड़ा झूठ साबित हो रहा है. चूंकि हेमंत सोरेन ने मरांग बुरू या आदिवासी के ईश्वर को बचाने की जगह जैनियों को बेचने का काम किया है. क्या वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के फैसले का विरोध कर सकेंगे? जबतक केंद्र और झारखंड सरकार मरांग बुरु पर आदिवासियों के प्रथम दावेदारी को लिखित रूप में नोटिफाई नहीं करेंगी तबतक सेंगेल का राष्ट्रव्यापी मरांग बुरु बचाओ भारत यात्रा आंदोलन जारी रहेगा.जारी रहेगा जनसभा का दौर
सेंगेल का "मारंग बुरू बचाओ यात्रा" 17 जनवरी को जमशेदपुर से शुरू हुआ. 18 जनवरी को रांची था. उसके बाद मांडू प्रखंड के अंतर्गत सरूबेड़ा और परेज में आदिवासी जनसभा का आयोजन होगा. यात्रा का अगला पड़ाव चौथा दिन, 20 जनवरी हजारीबाग जिला होगा. यहां हजारीबाग सर्किट हाउस में दिन के 12 बजे एक पत्रकार सम्मेलन होगा. तत्पश्चात दिन के 2 बजे से एक आदिवासी सभा का आयोजन बिष्णुगढ़ के सत्कार होटल में आयोजित किया जायेगा. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-truck-trailer-highway-standing-on-the-roadside-in-golmuri-fined/">जमशेदपुर: गोलमुरी में सड़क किनारे खड़े ट्रक-ट्रेलर-हाइवा पर लगा जुर्माना [wpse_comments_template]

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