Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

जमशेदपुर : फांसी की सजा मिलने के बाद फरार चल रहा श्रीराम अंगरिया गिरफ्तार

Advertisement
Advertisement
Jamshedpur (Ashok Kumar) : घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंदी मनोज सिंह की हत्या करने के मामले में जमशेदपुर सिविल कोर्ट की ओर से कक्षपाल श्रीराम अंगरिया को 18 अगस्त को फांसी की सजा सुनायी गयी थी. इसके बाद से ही वह फरार चल रहा था. जिस दिन कोर्ट की ओर से उसे दोषी करार दिया गया था, उस दिन भी वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ था. तब से ही पुलिस उसकी टोह ले रही थी. शहर की पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी श्रीराम अंगरिया चाईबासा के टोंटो थाना क्षेत्र में अपने मामा के घर पर छिपा हुआ है. इसके बाद पुलिस टीम ने उसके मामा के घर पर छापेमारी कर उसे दबोच लिया. हालाकि गिरफ्तारी के समय वह अपनी पहचान छिपाने का काम कर रहा था, लेकिन पुलिस ने अंततः उसे दबोच लिया. उसे रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-mobile-was-not-used-in-bank-of-india-robbery-case/">जमशेदपुर

: बैंक ऑफ इंडिया डकैती कांड में नहीं किया था मोबाइल का उपयोग

मामले में रमाय करुआ अब भी है फरार

फांसी की सजा रमाय करुआ को भी मिली हुई है और वह भी अबतक फरार ही है. उसकी गिरफ्तारी के लिये भी पुलिस छापेमारी कर रही है. जिस दिन दोष साबित हुआ था उस दिन रामराय सुरीन भी फरार ही चल रहा था, लेकिन जिस दिन सजा सुनायी गयी उस दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

15 को मिली है फांसी की सजा

कोर्ट की ओर से मनोज सिंह की हत्या के मामले मनें 15 दोषियों को फांसी की सजा सुनायी गयी है, जबकि 7 लोगों को 10-10 साल की सजा सुनायी गयी है. जिसकी घाघीडीह जेल में हत्या हुई थी वह गैंगस्टर अखिलेश गुट का था.

यह था मामला

26 जून 2019 की शाम को घाघीडीह सेंट्रल जेल में दो गुटों के बीच भिड़ंत हो गयी थी. दोनों गुटों के कैदी लाठी और डंडा लेकर एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे. लिपिक की ओर से मोबाइल पर जेल अधीक्षक सत्येंद्र चौधरी को सूचना दी गयी थी. आवाज आ रही थी कि हरीश सिंह ने जेल का माहौल बिगाड़ दिया है. इसको जान से मार देंगे. हरीश को बचाकर ऑफिस में लाकर बैठाया गया था. इस बीच हरीश गुट का मनोज सिंह, रिषि लोहार व अन्य ने पंकज दुबे पर हमला बोल दिया था. पूरा विवाद हरीश के कारण उत्पन्न हुआ था. तब उसने एसटीडी बूथ पर जाकर टेलीफोन छीन लिया था. इसका विरोध अमन मिश्रा ने किया था. घटना के बाद मनोज सिंह और सुमित सिंह को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल लाया गया था. एमबुलेंस चालक ने सूचना दी थी कि मनोज की मौत हो गयी है. घटना के संबंध में 17 सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों के खिलाफ परसुडीह थाना में मामला दर्ज कराया गया था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-girl-kidnapped-on-the-pretext-of-marriage-in-kadma/">जमशेदपुर

: कदमा में शादी का झांसा देकर युवती का अपहरण
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही